किसानों के लिए जरूरी छह जनवरी से पंचायतों में लगेगा फार्मर रजिस्ट्री शिविर, वंचितों को नहीं मिलेगा योजनाओं का लाभ

ई-केवाईसी एवं फार्मर रजिस्ट्री कार्य सुनिश्चित करा लें

ग्वालपाड़ा प्रखंड क्षेत्र की सभी पंचायतों में किसानों की सुविधा के लिए ””फार्मर रजिस्ट्री”” अभियान की शुरुआत की जा रही है. प्रखंड कृषि पदाधिकारी उदय शंकर कुमार ने बताया कि कृषि विभाग और राजस्व विभाग के संयुक्त तत्वावधान में दो चरणों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे. प्रथम चरण छह जनवरी से नौ जनवरी 2026 तक और द्वितीय चरण 18 जनवरी से 21 जनवरी 2026 तक चलेगा. सरकार अब कृषि व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल कर रही है. भविष्य में बीज, उर्वरक की खरीदारी एवं सरकारी योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा. जिनके पास फार्मर आईडी होगी. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्तों के लिए भी यह आईडी अनिवार्य कर दी गई है. शिविर में आधार कार्ड ,आधार से लिंक मोबाइल नंबर, अद्यतन जमीन की रसीद (लगान रसीद)की जरूरी है. कृषि पदाधिकारी उदय शंकर कुमार ने बताया कि प्रथम चरण का रोस्टर (छह से नौ जनवरी 2026 तक चलेगा. छह जनवरी को सुखासन, विषवाड़ी, रेशना मो इम्तियाज आलम, मुकेश कुमार, शेखर कुमार मनीष, रवि, विकास कुमार के नेतृत्व में होगा. सात जनवरी को शाहपुर, टेमाभेला, झिटकिया रविंद्र कुमार, मुकेश कुमार, संतोष कुमार रवि, मनीष, विकास कुमार के नेतृत्व में लगेगा शिविर 8 जनवरी को वीरगांव चतरा, झलाड़ी, पीरनगर संजय मल्लिक, मुकेश कुमार, चन्द्रकिशोर दास मनीष, विकास, रवि कुमार के नेतृत्व में शिविर लगाया जाएगा. नौ जनवरी को ग्वालपाड़ा, सरौनी, खौखसी में रविंद्र कुमार, रंजीत कुमार, नरेश कु. दास के नेतृत्व में शिविर लगाया जाएगा. 18 को सुखासन, विषवाड़ी, रेशना मो. इम्तियाज आलम, मुकेश कुमार, शेखर कुमार मनीष, रवि, विकास कुमार के नेतृत्व में शिविर लगाया जाएगा. 19 जनवरी को शाहपुर, टेमाभेला, झिटकिया रविन्द्र कुमार, मुकेश कुमार, संतोष कुमार रवि, मनीष, विकास कुमार के नेतृत्व में शिविर लगाया जाएगा. 20 जनवरी को वीरगांव चतरा, झलाई, पीरनगर संजय मल्लिक, मुकेश कुमार, चंद्रकिशोर दास मनीष, विकास, रवि कुमार के नेतृत्व में शिविर लगाया जाएगा. 21 जनवरी को ग्वालपाड़ा, सरौनी, खौखसी में रविन्द्र कुमार, रंजीत कुमार, नरेश कु. दासके नेतृत्व में शिविर लगाया जाएगा. अंचलाधिकारी एवं प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से अपील की है कि सभी किसान भाई निर्धारित तिथि को अपने पंचायत के कृषि कार्यालय/शिविर स्थल पर पहुंचकर अपना ई-केवाईसी एवं फार्मर रजिस्ट्री कार्य सुनिश्चित करा लें. शिविर में राजस्व कर्मचारी (हल्का कर्मचारी) भी मौजूद रहेंगे जो भूमि विवरण का सत्यापन करेंगे. फार्मर आईडी न होने की स्थिति में भविष्य में किसी भी प्रकार का कृषि इनपुट (बीज-खाद) या अनुदान मिलना संभव नहीं होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >