मधेपुरा. मधेपुरा के सांसद मार्ग स्थित ””चतरा कोठी”” में मधेपुरा के पूर्व सांसद, राज्यसभा के पूर्व सदस्य व भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति डॉ रमेंद्र कुमार यादव रवि की जयंती शनिवार को मनायी गयी. मौके पर मधेपुरा समेत पूरे कोसी के राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षणिक व साहित्यिक जगत के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे. मौके पर बीएनएमयू के पूर्व कुलपति प्रो आरकेपी रमण ने कहा कि डॉ रवि का पूरे बिहार और विशेषकर कोसी- सीमांचल के शिक्षा, साहित्य व राजनीति में अविस्मरणीय योगदान है. संस्थापक कुलपति के रूप में उन्होंने बीएनएमयू के विकास की मजबूत नींव रखी. उनके बनाये गये मजबूत धरातल पर ही यह विश्वविद्यालय तैंतीस वर्षों से इस क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगा रहा है. बीएनएमयू के रजिस्ट्रार डॉ अशोक कुमार ठाकुर ने कहा कि डॉ रवि ने मधेपुरा की कई पीढ़ियों को संस्कार देने का काम किया. उनके सत्कर्मों से न केवल मधेपुरा बल्कि पूरे कोसी अंचल का गौरव बढ़ा. हमारी नई पीढ़ी को चाहिये कि उनके विचारों को अपनायें. समाजसेवी-साहित्यकार डॉ भूपेंद्र मधेपुरी ने कहा कि डॉ रवि वास्तव में कवि-हृदय थे. उन्होंने राजनीति के साथ ही साहित्यिक व सांस्कृतिक क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभाई. उन्होंने दर्जनों पुस्तकों की रचना की और उनकी लिखी किताबें आज दुनिया के 110 देशों में हैं. युगों में पैदा होती है डॉ रवि जैसी शख्सियत महिषी के विधायक डॉ गौतम कृष्ण ने कहा कि डॉ रवि जैसी शख्सियत युगों में पैदा होती है. शिक्षा, राजनीति, समाजसेवा – हर क्षेत्र में उन्होंने इस इलाके का मान बढ़ाया और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनायी. इस अवसर पर डॉ रवि के तीनों पुत्र डॉ रत्नदीप, डॉ कुमार चन्द्रदीप, डॉ अमरदीप ने कहा कि अपने पिता के मूल्यों, आदर्शों व विचारों पर चलते हुए मधेपुरा समेत पूरे कोसी का सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक उत्थान ही हमलोगों का लक्ष्य और उद्देश्य है. हमलोग शीघ्र ही अपने प्रयासों को संस्थागत रूप देंगे. साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि इसी वर्ष विश्वविद्यालय परिसर में भी डॉ रवि की प्रतिमा-स्थापना का कार्य पूरा हो जायेगा. मौके पर डॉ रवि के तीनों पुत्र प्रो रत्नदीप, प्रो कुमार चन्द्रदीप व बिहार राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ अमरदीप और उनकी पत्नी रूपम भारती, पूर्व कुलपति डॉ आरकेपी रमण, बीएनएमयू के रजिस्ट्रार डॉ अशोक कुमार ठाकुर, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ भूपेन्द्र मधेपुरी, विधायक गौतम कृष्ण, समाजसेवी मनीष सर्राफ, जिला परिषद चेयरमैन मंजू देवी, नगर परिषद चेयरमैन कविता साहा, टीपी कॉलेज के प्राचार्य प्रो कैलाश प्रसाद यादव, पीएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ पवन कुमार यादव, मधेपुरा कॉलेज के संस्थापक प्राचार्य डॉ अशोक कुमार, बीएनएमयू के डीएसडब्लु डॉ अशोक कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ शंकर मिश्रा, परिसंपदा पदाधिकारी शंभू नारायण यादव, पूर्व विकास पदाधिकारी प्रो ललन अद्री, डॉ संजय सत्यार्थी, डॉ विनोद कुमार यादव, प्रो पीएन पीयूष, डॉ देवप्रकाश यादव, श्री शारंगधर यादव, डॉ अरुण कुमार यादव, डॉ मणिभूषण वर्मा, एडीएम अरुण कुमार सिंह, पूर्व बीडीओ आनंदी पासवान, पूर्व पीपी इन्द्रकांत चौधरी, सांसद प्रतिनिधि प्रो बिजेन्द्र नारायण यादव, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष महेन्द्र पटेल, राजद जिलाध्यक्ष जयकांत यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक यादव, जदयू नेता प्रो सत्यजीत यादव, गुड्डी देवी, प्रो मनोज भटनागर, नीरज कुमार, नरेश पासवान, श्वेत कमल उर्फ बौआ यादव, अशोक चौधरी, अमोल साह, युगल पटेल, यादव उमेश कुमार, गौरी यादव, विनायक यादव, रूपेश कुमार गुलेटन, सीताराम पंडित, राजीव जोशी, भाजपा नेता सुधीर भगत, त्रिभुवन मंडल, कांग्रेस नेता प्रो अरुण कुमार, राजद नेता भोला यादव, तेजनारायण यादव, अरविंद कुमार यादव, डॉ विजय कुमार विमल, एनके निराला, वसीमुद्दीन अहमद नन्हे, परिवार के वरिष्ठ सदस्य बालिका देवी, डॉ आलोक कुमार, सुजित कुमार, डॉ बरुण कुमार, मुकुल कुमार, राजदीप, अक्षय दीप, आद्या दीप सहित बिनोद यादव, मो सलाउद्दीन, हरित कृष्ण, प्रिंस विवेक आदि उपस्थित थे.
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