भारतीयता के सच्चे प्रतिनिधि थे डॉ कलाम

भारतीयता के सच्चे प्रतिनिधि थे डॉ कलाम

मधेपुरा. भारत के पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ एपीजे अबुल कलाम की जयंती पर बुधवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में शिक्षाशास्त्र विभाग में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. मौके पर मुख्य वक्ता उर्दू सलाहकार समिति के सदस्य डॉ फिरोज मंसूरी ने बताया कि डॉ कलाम का जन्म 15 अक्तूबर को तमिलनाडु के रामेश्वरम में एक साधारण तमिल मुस्लिम परिवार में हुआ था. वे सीमित संसाधनों वाले संयुक्त परिवार में पले-बढ़े, लेकिन आर्थिक चुनौतियों के बावजूद, कलाम ने समाचार पत्र बांटकर अपनी प्रारंभिक पढ़ाई पूरी की. अभावों के बावजूद वे सर्वोच्च पद तक पहुंचे. विशिष्ट अतिथि रमेश झा महिला महाविद्यालय में दर्शनशास्त्र विभाग की अध्यक्ष डॉ प्रत्यक्षा राज ने कहा कि डाॅ कलाम नैतिकता के जीवंत प्रतीक हैं. उन्होंने जीवन के हर क्षेत्र में नैतिकता का समावेश करने की जरूरत बतायी.

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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