सावन की दूसरी सोमवारी पर दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ के बाद सिंहेश्वर देवाधिदेव महादेव मंदिर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई. चार माह से वेतन नहीं मिलने से नाराज सफाईकर्मियों ने काम बंद कर दिया, जिसके कारण मंदिर परिसर और आसपास का इलाका कचरे से पट गया. 24 घंटे से अधिक समय तक कचरा जमा रहने से बदबू फैलने लगी और श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा.
कचरे से पटा मंदिर परिसर, फैलने लगी बदबू
सावन के दौरान सिंहेश्वर मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. दूसरी सोमवारी पर श्रद्धालुओं की संख्या दो लाख से अधिक पहुंचने के बाद मंदिर परिसर में भारी मात्रा में कचरा जमा हो गया. सफाईकर्मियों के काम बंद करने के कारण समय पर कचरा नहीं उठाया जा सका. इससे मंदिर परिसर का वातावरण गंधयुक्त हो गया.
डीएम-एसपी ने पहुंचकर लिया जायजा
सफाई व्यवस्था ठप होने की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम अभिषेक रंजन और एसपी संदीप सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने देर शाम सिंहेश्वर मंदिर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. अधिकारियों ने मंदिर परिसर की सफाई व्यवस्था और श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया.
डीएम ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए बैरिकेडिंग बढ़ाने का निर्देश दिया. साथ ही मंदिर परिसर की तत्काल सफाई कराने को कहा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं हो.
चार माह से वेतन नहीं मिलने पर नाराजगी
सफाईकर्मियों का कहना है कि उन्हें चार माह से वेतन नहीं मिला है. लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है. इसी वजह से नाराज होकर उन्होंने सफाई कार्य बंद कर दिया था. हालांकि थानाध्यक्ष की पहल के बाद सफाईकर्मी काम पर लौट आए.
डीएम ने सफाईकर्मियों के वेतन से जुड़े मामले में कहा कि भुगतान संबंधित आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा किया जाएगा. तत्काल सफाई व्यवस्था बहाल करने के लिए कार्यपालक पदाधिकारी को नगर परिषद के सफाईकर्मियों को भेजकर मंदिर परिसर की सफाई कराने का निर्देश दिया गया.
बाहर से सफाईकर्मी बुलाने का विरोध
नगर परिषद के सफाईकर्मियों से सफाई कराने की बात सामने आने के बाद हड़ताली सफाईकर्मियों ने इसका विरोध किया. उन्होंने कहा कि वे बाहर से आने वाले सफाईकर्मियों को मंदिर परिसर में काम नहीं करने देंगे. कर्मियों का कहना था कि वे किसी तरह की अव्यवस्था पैदा नहीं करना चाहते, लेकिन चार महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक परेशानी भी गंभीर है.
प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल सफाई व्यवस्था बहाल करने की कोशिश शुरू कर दी गई है. साथ ही सावन के दौरान बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है.
