मनरेगा का नाम बदलने व खाद की कालाबाजारी के खिलाफ भाकपा ने एनएच-107 किया जाम

मनरेगा का नाम बदलने व खाद की कालाबाजारी के खिलाफ भाकपा ने एनएच-107 किया जाम

मुरलीगंज.

मनरेगा का नाम बदलने व खाद की कालाबाजारी के विरोध में सोमवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मुरलीगंज के बेंगा पुल के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-107 को जाम कर दिया. जाम के कारण आवागमन ठप हो गया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. सड़क जाम आंदोलन का नेतृत्व किसान सभा के जिलाध्यक्ष रमण कुमार, भाकपा अंचल मंत्री रमेश कुमार शर्मा व पूर्व अंचल मंत्री अनिल भारती ने किया.

भाकपा नेताओं ने कहा कि मनरेगा को निरस्त कर उसके स्थान पर विकसित भारत रोजगार व आजीविका गारंटी मिशन (वीबीजी-रामजी) विधेयक 2025 लाने का वे विरोध करते हैं. यह विधेयक ग्रामीण गरीबों, भूमिहीन मजदूरों, दलितों, आदिवासियों, महिलाओं व वंचित तबकों के रोजगार पर सीधा हमला है. मनरेगा को समाप्त करना ग्रामीण भारत के खिलाफ एक प्रतिगामी कदम है.

नेताओं ने कहा कि इससे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, जिसे बिहार जैसे राज्य सहन नहीं कर पायेंगे. योजना का क्रियान्वयन कमजोर होगा व मजदूरों को समय पर काम व मजदूरी मिलना और कठिन हो जायेगा.

भाकपा ने खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने, धान की खरीदारी सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित करने तथा गरीबों व भूमिहीनों के घर व दुकानों पर बिना वैकल्पिक व्यवस्था के अतिक्रमण के नाम पर बुलडोजर चलाने पर रोक लगाने की मांग की. नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जायेगा.

आंदोलन में भाकपा नेता उमाशंकर मुन्ना, उमेश रजक, सिकंदर मंडल, सोनेलाल महतो, श्याम सुंदर मंडल, अजय राम, गजेंद्र ऋषिदेव, अक्षय यादव, विनोद मालाकार, मो सदीक आदि शामिल थे.

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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