भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की राष्ट्रव्यापी पदयात्रा बुधवार को मुरलीगंज प्रखंड के पोखराम, नवटोलिया बेलो और चामगढ़ गांव पहुंची. पदयात्रा का नेतृत्व भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर, अंचल मंत्री रमेश कुमार शर्मा और सहायक अंचल मंत्री मोहम्मद सिराज ने किया. तीनों गांवों में आयोजित सभाओं में नेताओं ने ग्रामीण विकास, महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाया.
ग्रामीण विकास योजनाओं पर उठाए सवाल
पोखराम में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए भाकपा नेता प्रमोद प्रभाकर ने आरोप लगाया कि डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि जल-नल, नली-गली तथा गरीबी उन्मूलन जैसी योजनाएं भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की भेंट चढ़ रही हैं.
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग भूमिहीन और बेघर हैं तथा रोजगार के अभाव में युवाओं को दूसरे राज्यों की ओर पलायन करना पड़ रहा है. उनके अनुसार आम जनता महंगाई और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रही है.
महंगाई और बेरोजगारी को बनाया प्रमुख मुद्दा
सभा में भाकपा नेताओं ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, अपराध और भ्रष्टाचार का असर आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है. अंचल मंत्री रमेश कुमार शर्मा और सहायक अंचल मंत्री मोहम्मद सिराज ने आरोप लगाया कि सरकार जनसमस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च होती है और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा.
दिल्ली रैली में भागीदारी की अपील
भाकपा के वरीय नेता अनिल भारती ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज को दबाने को अनुचित बताते हुए छात्र आंदोलनों पर कार्रवाई की आलोचना की. वहीं प्रमोद प्रभाकर ने कार्यकर्ताओं से 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित भाकपा की रैली को सफल बनाने का आह्वान किया.
पदयात्रा में रौशन यादव, विजय यादव, मोहम्मद अरमान अली, मोहम्मद कलाम, मुस्ताक, रूपेश कुमार, संजय यादव, मोहम्मद आसीन, मोहम्मद सद्दाम, जमाल, नीतीश कुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए.
