मधेपुरा: क्या आप भी मधेपुरा में अपने सपनों का आशियाना बनाने की सोच रहे हैं? अगर हां, तो आपको अपना बजट थोड़ा बढ़ाना होगा. मधेपुरा में घर बनाना अब बेहद महंगा हो गया है. मौरंग, बालू, सीमेंट, गिट्टी की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे मकान बनाने की कुल लागत में 20 फीसदी तक का इजाफा हो गया है. डिजिटल खबर फॉर्मेट में आइए सीधे आंकड़ों से समझते हैं कि आखिर जेब पर कितना बोझ बढ़ने वाला है.
एक नजर में समझें महंगाई का गणित (कीमतों में बदलाव)
मौरंग (बालू): महज एक हफ्ते के भीतर मौरंग 53 रुपये से बढ़कर 65 रुपये प्रति घन फुट हो गया है.
सीमेंट: प्रति 50 किलो की बोरी पर 10 से 15 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. अगले महीने इसके और भी महंगे होने के संकेत हैं.
टाइल्स: अलग-अलग कंपनियों की टाइल्स की कीमतों में 10 से 15 रुपये का इजाफा हुआ है.
फिटिंग व लेबर: पाइप और फिनिशिंग का खर्च करीब 10% बढ़ गया है, साथ ही मजदूरों की दिहाड़ी में भी बढ़ोतरी हुई है.
मकान निर्माण की लागत पर बड़ा असर: बजट हुआ फेल
भवन निर्माण कारोबार से जुड़े एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कीमतों में इस उछाल से आम आदमी का बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है:
छोटा मकान: पहले जिस मकान को बनाने में 12 से 13 लाख रुपये खर्च होते थे, वह अब 15 लाख रुपये में तैयार हो रहा है.
बड़ा मकान: पहले जो घर 30 लाख रुपये में बन जाता था, उसकी लागत अब बढ़कर 32 से 36 लाख रुपये तक पहुंच गई है.
मधेपुरा का ताजा रेट कार्ड
| निर्माण सामग्री / श्रम | वर्तमान खुदरा दर (रुपये में) |
| ईंट (प्रति ट्रैक्टर) | 13,500 से 14,000 |
| मोटा बालू (प्रति ट्रैक्टर) | 4,500 से 5,000 |
| मोटी गिट्टी (प्रति ट्रैक्टर/100 मन) | 9,000 से 9,200 |
| सीमेंट (प्रति पैकेट) | 370 से 450 |
| सरिया (प्रति क्विंटल) | 5,600 से 6,100 |
| मजदूर (प्रतिदिन दिहाड़ी) | 550 से 600 |
| राजमिस्त्री (प्रतिदिन दिहाड़ी) | 800 से 950 |
सरिया की कीमतों में मामूली गिरावट से राहत
इस चौतरफा महंगाई के बीच घर बनाने वालों के लिए एकमात्र राहत की खबर सरिया (लोहे की छड़) के बाजार से आई है. सरिया के दामों में 4 रुपये प्रति किलो तक की कमी दर्ज की गई है. सरिया कारोबारी रमेश गुप्ता ने बताया कि जो सरिया पहले 60 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, उसका दाम अब घटकर 56 रुपये प्रति किलो तक आ गया है. हालांकि, बालू और गिट्टी की महंगाई के आगे यह राहत काफी मामूली है.
