Madhepura News: मधेपुरा जिले के शंकरपुर में राजनीतिक हलचल अचानक तेज हो गई है. आगामी 28 और 29 सितंबर को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरातल पर मोर्चा संभालने की पूरी तैयारी कर ली है. रविवार को शंकरपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. प्रखंड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष धीरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का मुख्य मकसद जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रस्तावित 'संविधान बचाओ पदयात्रा' की तैयारियों को अंतिम रूप देना था. बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और अफसरशाही के खिलाफ कांग्रेस अब सड़कों पर उतरकर बड़ा जनआंदोलन खड़ा करने जा रही है.
28 और 29 सितंबर को शंकरपुर पहुंचेगी पदयात्रा, बना पूरा रूट चार्ट
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान और जिला कमेटी के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में कार्यकर्ताओं का जोश देखने लायक था. पदयात्रा के शंकरपुर प्रखंड में आगमन को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई. बैठक में यात्रा के पूरे रूट चार्ट, कार्यकर्ताओं की चरणबद्ध सहभागिता और स्वागत की तैयारियों पर बारीक विचार-विमर्श हुआ. कार्यकर्ताओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि इस पदयात्रा के जरिए 'हर घर झंडा' और 'कांग्रेस चली गांव की ओर' अभियान को हर दरवाजे तक पहुंचाया जाएगा ताकि जमीनी स्तर पर संगठन को नई ऊर्जा मिल सके.
महंगाई, बेरोजगारी और अफसरशाही के खिलाफ आर-पार की लड़ाई
इस बैठक में सिर्फ औपचारिक चर्चा नहीं हुई, बल्कि आम लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित करने वाले गंभीर मुद्दों पर मंथन किया गया. कार्यकर्ताओं ने एक सुर में कहा कि आज आम जनता महंगाई की मार और बेरोजगारी की चिंता से जूझ रही है. इसके साथ ही सरकारी दफ्तरों में हावी होती अफसरशाही और भ्रष्टाचार ने आम नागरिकों का जीना दूभर कर दिया है. कांग्रेस का दावा है कि वह समाज को नशामुक्त और पारदर्शी व्यवस्था से जोड़ने के लिए इस पदयात्रा को एक सशक्त माध्यम बनाएगी.
सैकड़ों कार्यकर्ताओं का जुटाव, आपसी समन्वय से मिली ताकत
संगठनात्मक मजबूती को धार देने के लिए बैठक में कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल और जिम्मेदारी के बंटवारे पर जोर दिया गया. इस दौरान सुनील कुमार, जेसस राजा, जनार्दन यादव, संतोष साह, अर्जुन यादव, बबलू साह, अशोक साह, मोहम्मद इलियास, अनिल कुमार, मिन्नतुल्लाह, सुबोध कुमार यादव, ओमप्रकाश दास, सिंटू यादव और शंकर यादव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे. सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि 28 और 29 सितंबर की पदयात्रा शंकरपुर के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगी.
Madhepura News: स्थानीय प्रभाव और आगे की सियासी स्थिति
शंकरपुर जैसे ग्रामीण अंचल में इस तरह की राजनीतिक सक्रियता आम लोगों का ध्यान खींच रही है. जब स्थानीय स्तर पर बेरोजगारी, महंगाई और जनसमस्याओं को लेकर पदयात्राएं निकाली जाती हैं, तो उसका सीधा असर स्थानीय जनमानस पर पड़ता है. 28 और 29 सितंबर को होने वाली यह पदयात्रा केवल एक राजनीतिक आयोजन बनकर रह जाएगी या फिर आम जनता को अपने साथ जोड़ने में कामयाब होगी, इस पर पूरे जिले की नजरें टिकी हुई हैं.
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