सिंहेश्वर (मधेपुरा) से सुशांत की रिपोर्ट:
वॉलमार्ट के सीनियर कंसल्टेंट मृत्युंजय कश्यप ने साझा किए कॉर्पोरेट के अनुभव
तकनीकी क्षेत्र में तेजी से आ रहे बदलावों के बीच छात्रों को सही दिशा दिखाने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में वॉलमार्ट (Walmart) कंपनी के सीनियर सॉल्यूशन कंसल्टेंट श्री मृत्युंजय कुमार कश्यप उपस्थित रहे. उन्होंने वैश्विक स्तर पर कॉर्पोरेट सेक्टर के अपने लंबे व्यावसायिक अनुभवों को साझा करते हुए छात्रों से कहा कि आज के इस अत्यधिक प्रतिस्पर्धात्मक (कॉम्पिटिटिव) दौर में केवल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल कर लेना ही पर्याप्त नहीं है. अगर आपको टेक इंडस्ट्री में लंबी रेस का घोड़ा बनना है, तो तकनीकी दक्षता (टेक्निकल स्किल्स), निरंतर सीखने की प्रवृत्ति, समस्या समाधान क्षमता (प्रॉब्लम सॉल्विंग) और व्यावहारिक ज्ञान (प्रैक्टिकल नॉलेज) को अपने जीवन में उतारना ही होगा.
AI, डेटा साइंस और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों पर दी विस्तृत जानकारी
मुख्य वक्ता ने कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) और 3डी एनीमेशन एंड ग्राफिक्स (3DAG) विभाग के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को भविष्य के सबसे हॉट सेक्टर्स के बारे में विस्तार से समझाया:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) व मशीन लर्निंग: नए जमाने की तकनीक और इसमें कोडिंग का महत्व.
- डेटा साइंस और क्लाउड कंप्यूटिंग: डेटा मैनेजमेंट और बड़ी कंपनियों में क्लाउड आर्किटेक्ट की भारी मांग.
- सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट व साइबर सिक्योरिटी: सुरक्षित सॉफ्टवेयर और डेटा प्रोटेक्शन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर.
उन्होंने छात्रों को दृढ़ता से सलाह दी कि वे अपने अंतिम वर्ष के दौरान अच्छे लाइव प्रोजेक्ट्स और वैश्विक मानकों के अनुरूप इंटर्नशिप पर विशेष ध्यान दें, ताकि प्लेसमेंट के समय उन्हें प्राथमिकता मिल सके.
संचार कौशल और टीमवर्क भी भविष्य के लिए जरूरी: विभागाध्यक्ष
इस ज्ञानवर्धक सेमिनार में सीएसई विभागाध्यक्ष प्रो. मुरलीधर प्रसाद सिंह सहित कॉलेज के कई वरिष्ठ प्राध्यापक और संकाय सदस्य मौजूद रहे. इस मौके पर प्रो. एहतेशामूल हक कुमार, प्रो. सुजीत कुमार, प्रो. मो. इजहार, प्रो. अमित कुमार, प्रो. प्रवीण कुमार, गेस्ट प्रो. मो. हफीजुल्लाह और गेस्ट प्रो. अरुण कुमार ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया. शिक्षकों ने संयुक्त रूप से कहा कि तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ बेहतर कम्युनिकेशन स्किल्स (संचार कौशल), टीमवर्क और व्यवहारिक ज्ञान भी एक सफल करियर के लिए बेहद जरूरी हैं. उन्होंने छात्रों को विभिन्न ऑनलाइन सर्टिफिकेशन कोर्सेज से जुड़ने के लिए प्रेरित किया.
नवाचार और शोध की दिशा में आगे बढ़ें छात्र: प्राचार्य
संस्थान के प्राचार्य प्रो. अरविंद कुमार अमर ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि इस प्रकार के करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपने भविष्य का सही रोडमैप तैयार करने में मील का पत्थर साबित होते हैं. वर्तमान समय में उद्योग जगत बहुत तेजी से बदल रहा है, ऐसे में हमारे छात्रों को लीक से हटकर नवाचार (इन्नोवेशन) और शोध (रिसर्च) की दिशा में भी सक्रियता दिखानी होगी. उन्होंने कॉलेज प्रबंधन की ओर से छात्रों को हर संभव शैक्षणिक व तकनीकी मदद देने का भरोसा दिलाया.
वहीं, जनसंपर्क पदाधिकारी (PRO) प्रो. उत्तम कुमार ने बताया कि कॉलेज अपने विद्यार्थियों के समग्र विकास (ओवरऑल डेवलपमेंट) और बेहतर प्लेसमेंट के लिए समय-समय पर ऐसी विशेषज्ञ कार्यशालाओं का आयोजन करता रहता है. कार्यक्रम के अंत में एक इंटरएक्टिव सत्र हुआ, जिसमें छात्रों ने विशेषज्ञों से प्लेसमेंट की तैयारी और उच्च शिक्षा को लेकर कई सवाल पूछे, जिनका विस्तार से जवाब दिया गया.
