अंतिम छोर तक नहीं पहुंच रहा नहर का पानी, सूखने लगी मक्का की फसल

अंतिम छोर तक नहीं पहुंच रहा नहर का पानी, सूखने लगी मक्का की फसल

कुमारखंड.

सरकारी नलकूप के खराब हो जाने से बारिश के बाद सिंचाई के लिए नहर ही एक सहारा रह गया है. सभी खेतों में फसल को पानी चाहिये, ऐसे में नहर में हेडअप किया जा रहा है. इसके कारण टेल एरिया तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे मक्का की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गयी है. रानीपट्टी प्रशाखा नहर के अंतिम छोर के गांव बेल्हा, रानीपट्टी के किसानों के खेत तक नहर का पानी नहीं पहुंच पा रहा है. रानीपट्टी प्रशाखा नहर के अंतर्गत 12 गांव आते हैं और देखरेख की जिम्मेदारी एक बांध चौकीदार के भरोसे है.

चौकीदार हर जगह पहुंचता भी नहीं है. इस कारण प्रखंड सीमा के लक्षमिनियां, परसाही, भतनी, पथराहा आदि गांव के कुछ ऊपरी क्षेत्र में यदा कदा पानी पहुंचता है शेष गांव में तो पानी पहुंच भी नहीं रहा है, लेकिन निचले क्षेत्र के किसान पानी के लिए मशक्कत कर रहे हैं. बिशनपुर सुंदर पंचायत बछौदा के लक्षमीनिया गांव निवासी रामसेवक यादव, अनमोल यादव, अरुण कुमार, नथन यादव, शमीम खां सहित अन्य किसानों का कहना है कि गांव के खेतों में पानी ले जाने के लिए दिन रात रतजगा कर रहे हैं. उसके बावजूद अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है. किसानों ने बताया कि और उपरी क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा अपने खेतों की सिंचाई के लिए नहर को जगह-जगह से काट दिया गया है. इसके अलावा मछली पकड़ने के चक्कर में भी कई जगह नहर को काटने के चलते अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों द्वारा अगर समय पर ध्यान नहीं दिया जायेगा. हमलोगों को मक्का के फसल को बचाने के लिए पंपसेट का सहारा लेना पड़ेगा, जो डीजल के मंहगा हो जाने के कारण वर्तमान में बहुत मंहगा पड़ेगा. इसे लेकर प्रखंड राजद अध्यक्ष अरुण कुमार ने कार्यपालक अभियंता जल संसाधन विभाग, सिंचाई प्रमंडल मुरलीगंज का ध्यान आकृष्ट कराते हुये किसान हित में विचार करते हुए नहर की मरम्मत कराकर अंतिम छोड़ तक पानी पहुंचाना सुनिश्चित कराने की मांग की है.

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By Kumar Ashish

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