Madhepura University Protest: भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू) परिसर में सोमवार को बिहार राज्य सम्बद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी महासंघ के बैनर तले शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के बाद महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर नियमित वेतन, पेंशन और लंबित अनुदान का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की.
40 वर्षों से सेवा, फिर भी नहीं मिली मूलभूत सुविधाएं
महासंघ के विश्वविद्यालय अध्यक्ष सह बीएनएमयू सीनेट सदस्य अरविंद कुमार यादव ने कहा कि वित्तरहित संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी पिछले लगभग 40 वर्षों से उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देने का कार्य कर रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें नियमित वेतन और पेंशन जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं.
2018 से लंबित है अनुदान राशि
उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 से अनुदान व्यवस्था लागू होने के बावजूद वर्ष 2018 से 2026 तक का अनुदान अब भी लंबित है. महासंघ ने सरकार से डिग्री महाविद्यालयों के 1.5 करोड़ रुपये के बंधेज को समाप्त कर ब्याज सहित बकाया राशि का भुगतान करने की मांग की.
वेतन, पेंशन और अन्य सुविधाएं लागू करने की मांग
महासंघ ने सभी संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए नियमित मासिक वेतन एवं पेंशन व्यवस्था लागू करने, अनुदान से वंचित कॉलेजों के कर्मियों को भी वेतन सुविधा देने, छात्र-छात्राओं से लिए गए शिक्षण शुल्क की प्रतिपूर्ति करने तथा भविष्य निधि, कर्मचारी कल्याण कोष, सेवा पुस्तिका और सामूहिक बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई.
विश्वविद्यालय प्रशासन से भी रखीं कई मांगें
Madhepura University Protest: महासंघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन से स्नातक सत्र 2021-26 की सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन एवं वीक्षण कार्य का लंबित पारिश्रमिक शीघ्र भुगतान करने, बकाया अनुदान जारी करने तथा सेवा समायोजन से वंचित शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का अविलंब समायोजन करने की मांग की.
काफी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी रहे मौजूद
धरना-प्रदर्शन में महासंघ के सचिव प्रो. अभय कुमार, विश्वविद्यालय सचिव प्रो. सत्येंद्र प्रसाद यादव, महासचिव प्रो. भीम कुमार, विजय कुमार यादव, अशोक कुमार, कल्पना कुमारी, सुनीता कुमारी, संगीता कुमारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे.
