BN Mandal University News: मधेपुरा. भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू) प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से नवस्थापित प्रखंड स्तरीय राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है. विश्वविद्यालय ने 16 शिक्षकेतर कर्मियों की प्रतिनियुक्ति विभिन्न नए कॉलेजों में तत्काल प्रभाव से कर दी है. यह प्रतिनियुक्ति अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी.
तीन जिलों के 16 कॉलेजों में होगी तैनाती
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार मधेपुरा, सहरसा और सुपौल जिले के नवस्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में शिक्षकेतर कर्मियों की तैनाती की गई है. बीएनएमयू अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत इन तीन जिलों में उच्च शिक्षा संस्थानों का संचालन करता है.
मधेपुरा जिले के घैलाढ़, कुमारखंड, शंकरपुर और चौसा स्थित कॉलेजों में कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है. वहीं सहरसा जिले के सत्तर कटैया, नवहट्टा, सौर बाजार, पतरघट, सलखुआ और बनमा इटहरी के नवस्थापित महाविद्यालय भी इस सूची में शामिल हैं.
इसके अलावा सुपौल जिले के किशनपुर, सरायगढ़-भपटियाही, पिपरा, छातापुर, मरौना और प्रतापगंज स्थित राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में भी शिक्षकेतर कर्मियों की तैनाती की गई है.
22 जून से नए कॉलेजों में बनेगी उपस्थिति
विश्वविद्यालय की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रतिनियोजित शिक्षकेतर कर्मियों को उनके वर्तमान कार्यस्थल से स्वतः विरमित माना जाएगा. सभी कर्मियों को 22 जून 2026 से अपने प्रतिनियोजित राजकीय डिग्री महाविद्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी.
शैक्षणिक गतिविधियों की तैयारी तेज
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि नए कॉलेजों में शिक्षकेतर कर्मियों की तैनाती से कार्यालयी कार्यों का संचालन सुचारू रूप से हो सकेगा और आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारियों को गति मिलेगी. इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी मदद मिलेगी.
विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने कुलपति के आदेश के आलोक में अधिसूचना जारी करते हुए संबंधित कर्मियों और महाविद्यालयों के प्राचार्यों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
