Bihar crime: अपराधियों ने दौड़ा-दौड़ाकर दूध व्यवसायी को मारी गोली, परिजनों के चीत्कार से इलाके में पसरा मातम

Bihar Crime: मधेपुरा जिला के पुरैनी प्रखंड क्षेत्र के सपरदह में एक दूध व्यवसायी को अज्ञात अपराधियों ने नृशंस तरीके से गोली मारकर हत्या कर दी. घटना के बाद परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है तो वही समाज और आसपास के क्षेत्र के लोगों में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है.

Bihar Crime: दूध व्यवसायी प्रवेश यादव हर दिन की तरह अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर खाली ड्रम लेकर औराय की ओर दूध जमा करने के लिए जा रहे थे. इसी क्रम में सोमवार को लगभग रात्रि के 9:30 बजे के आसपास औराय गोठ बस्ती से लगभग 200 मीटर पश्चिम की ओर मुख्य सड़क पर ही अज्ञात अपराधियों ने उसे पर गोली चला दी. गोली लगते ही वो अनियंत्रित होकर नीचे गिर पड़े और अपनी जान बचाकर मकई के खेत की तरफ भागने लगे. लेकिन अपराधियों ने पीछा नहीं छोड़ा और मकई के खेत में ही दनादन गोलियां बरसानी शुरू कर दी जिसकी वजह से उसकी मौके पर ही मौत हो गई. अपराधियों ने इतनी बुरी तरह से घटना को अंजाम दिया कि मृतक के नाक के ऊपर का पूरा हिस्सा गोलियों से छलनी कर दिया.

मृतक के घर पर जांच करती पुलिस

कैसे मिला शव

घटना के कुछ देर बाद ही मृतक का एक भतीजा औराय की ओर से वापस गांव की ओर आ रहा था. इसी क्रम में उसने सड़क पर अपने चाचा प्रवेश यादव का मोटरसाइकिल गिरा हुआ देखा तो उसने अपने घर पर फोन किया. इसके बाद देखते ही देखते दर्जनों की संख्या में परिवार और समाज के लोग घटनास्थल की तरफ पहुंचे जहां लगभग एक से डेढ़ घंटा खोजबीन करने के बाद सड़क से लगभग 200 मीटर उत्तर की ओर मकई के खेत में मृतक का शव बरामद हुआ.

गम में बदल गया खुशी का माहौल

मृतक के दरवाजे पर ही सात मार्च को उसके पड़ोसी के पुत्री की शादी होनी थी. इसके लिए भव्य पंडाल भी लगाया गया था. लेकिन इससे पहले ही इस घटनाक्रम ने खुशी के माहौल को गम में बदल दिया. जिस पंडाल में 7 मार्च को एक बेटी की शादी के लिए वरमाला होना था लेकिन इस पंडाल में मंगलवार को मृतक प्रवेश की अर्थी उठी. इस दृश्य को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गई.

रोते-बिलखते परिजन

पत्नी का चल रहा इलाज

मृतक प्रवेश तीन भाई में बीच वाला भाई था. प्रवेश के चार पुत्री और एक पुत्र का पिता था. सबसे बड़ी बेटी की उम्र महज 8 वर्ष है. पिता की मृत्यु के बाद प्रवेश के तीनों ही भाई अलग अलग दूध का व्यवसाय बड़े पैमाने पर करते थे और रात-रात भर मेहनत करके परिवार का पालन पोषण करते हैं. पांच बच्चों के ऊपर से एकमात्र घर का कमाने वाला सदस्य का साया उठ जाने से लोगों का हृदय द्रवित हो उठा. हत्या की घटना के बाद से ही मृतक की पत्नी इलाजरत है.

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हत्या के बाद कुछ नहीं लूटा

मृतक की नृशंस हत्या के बाद अपराधियों ने उसके जेब में मौजूद लगभग 15000 रुपए नहीं लिए उसकी मोटरसाइकिल भी नहीं छीनी. घटना के बाद पुरैनी पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की तहकीकात में जुटी उसके बाद देर रात ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अविनाश कुमार भी मौके पर पहुंचे और खोजबीन के क्रम में दो खोखा भी बरामद किया गया है. पुलिस टीम ने देर रात ही शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया जिसके बाद मंगलवार को शव गांव पहुंचते ही जनप्रतिनिधियों और सैकड़ो लोगों के भीड़ शव को देखने के लिए जमा हो गई. मंगलवार को ही मृतक प्रवेश का अंतिम संस्कार किया गया.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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