Baba Singheshwar Nath Shravani Mela 2026: मधेपुरा जिले के विश्व प्रसिद्ध बाबा सिंहेश्वरनाथ धाम में 30 जुलाई से शुरू होने वाला राजकीय श्रावणी मेला इस बार कई नए आकर्षणों के साथ श्रद्धालुओं का स्वागत करने के लिए तैयार है.
सावन के पूरे महीने चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले में बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और नेपाल से लाखों शिवभक्त जलाभिषेक के लिए सिंहेश्वर पहुंचेंगे. प्रशासन का दावा है कि इस बार दर्शन व्यवस्था पहले से अधिक व्यवस्थित होगी और पहली बार शिवगंगा में बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी.
25 हजार वर्गफीट का विशाल पंडाल, अलग-अलग कतारों से होगा प्रवेश
इस बार मंदिर के बाहर लगभग 25 हजार वर्गफीट क्षेत्र में विशाल पंडाल तैयार किया गया है. इसी पंडाल से महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है. श्रद्धालु बैरिकेडिंग वाले मार्ग से होकर क्रमबद्ध तरीके से बाबा सिंहेश्वरनाथ का अरघा माध्यम से जलाभिषेक करेंगे.
मंदिर परिसर के भीतर स्थित छोटे मंदिरों में भी बैरिकेडिंग की गई है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न न हो.
रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाएगा पूरा बाबा धाम
श्रावणी मेले के दौरान इस बार सिंहेश्वरनाथ धाम आकर्षक विद्युत सज्जा से जगमगाएगा. पूरे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी एलईडी लाइटों और सजावटी बल्बों से सजाया गया है.
खासकर शिवगंगा तालाब को विशेष प्रकाश व्यवस्था से संवार दिया गया है, जो रात के समय श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनेगा. मुख्य सड़क से बायपास स्थित मंदिर प्रवेश द्वार तक रोड लाइटें लगाई गई हैं ताकि देर रात पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
पहली बार शिवगंगा में बोटिंग, मेले को मिलेगी नई पहचान
इस वर्ष का सबसे बड़ा आकर्षण शिवगंगा तालाब में शुरू की गई बोटिंग सुविधा होगी. धार्मिक आस्था के साथ श्रद्धालु और पर्यटक शिवगंगा की प्राकृतिक सुंदरता का भी आनंद ले सकेंगे.
प्रशासन को उम्मीद है कि यह पहल सिंहेश्वर मेले को धार्मिक आयोजन के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी नई पहचान देगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा.
पूरा मेला क्षेत्र रहेगा सीसीटीवी निगरानी में
राजकीय श्रावणी मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को अत्याधुनिक बनाया गया है. मंदिर परिसर, शिवगंगा, प्रवेश एवं निकास मार्ग सहित पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं.
इन कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी. भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है. असामाजिक तत्वों और हुड़दंगियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं.
इस बार प्रवेश और निकास का रास्ता बदला
भीड़ प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इस बार मंदिर रोड से प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा. सभी श्रद्धालु बायपास स्थित प्रवेश द्वार से मंदिर परिसर में प्रवेश करेंगे.
जलाभिषेक और दर्शन के बाद श्रद्धालु मंदिर रोड स्थित सिंह द्वार से बाहर निकलेंगे. प्रशासन का मानना है कि इससे भीड़ का दबाव कम होगा और दर्शन प्रक्रिया अधिक सुगम बनेगी.
स्वास्थ्य, पेयजल और आपात सेवाओं की पूरी व्यवस्था
सिंहेश्वर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से मंदिर परिसर में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा. यहां चिकित्सकों की टीम, नर्सिंग स्टाफ, एम्बुलेंस और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था रहेगी.
इसके अलावा शुद्ध पेयजल, अस्थायी शौचालय, विश्राम स्थल, प्रकाश व्यवस्था और यातायात नियंत्रण के विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो.
पूरे सावन गूंजेगा ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’
श्रावण मास के दौरान प्रतिदिन हजारों कांवरिये और डाक बम बाबा सिंहेश्वरनाथ का जलाभिषेक करेंगे. सोमवार और विशेष तिथियों पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ने की संभावना है.
इसे देखते हुए प्रशासन ने विशेष भीड़ प्रबंधन योजना तैयार की है. जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित प्रवेश-निकास मार्ग का पालन करें और व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें, ताकि राजकीय श्रावणी मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके.
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