BP Mandal Engineering College: मधेपुरा के सिंहेश्वर स्थित बीपी मंडल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के छात्र आजाद अंसारी ने इस बात को एक बार फिर सच साबित कर दिखाया है. यूनिवर्सिटी स्तर पर दूसरा स्थान हासिल कर रजत पदक अपने नाम करने वाले आजाद अंसारी ने न सिर्फ अपना और अपने परिवार का सिर गर्व से ऊंचा किया है, बल्कि पूरे कोशी प्रमंडल का नाम रोशन कर दिया है. इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के इस होनहार छात्र की इस स्वर्णिम उपलब्धि की गूंज अब पूरे राज्य के शैक्षणिक गलियारों में सुनाई दे रही है.
कॉलेज टॉपर से यूनिवर्सिटी रैंक-2 तक का शानदार सफर
आजाद अंसारी बीपी मंडल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के 2022–2026 बैच के छात्र हैं और वे शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रहे हैं. कॉलेज टॉपर रहने के बाद जब विश्वविद्यालय स्तर के परिणाम घोषित हुए, तो आजाद ने रैंक-2 हासिल कर इतिहास रच दिया. उनकी इस अभूतपूर्व शैक्षणिक सफलता के बाद महाविद्यालय प्रांगण में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन कर उन्हें सम्मानित किया गया. एक छोटे से शहर से निकलकर विश्वविद्यालय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त करना कोई मामूली बात नहीं है. इसके पीछे आजाद की दिन-रात की कड़ी मेहनत, अनुशासित दिनचर्या और विषय के प्रति गहरी समझ शामिल है.
सफलता का मंत्र: गुरुओं के मार्गदर्शन को दिया पूरा श्रेय
अपनी इस ऐतिहासिक कामयाबी के बाद भावुक हुए आजाद अंसारी ने इसका पूरा श्रेय अपने महाविद्यालय के शिक्षकों और अभिभावकों को दिया. आजाद का कहना है कि अगर सही समय पर सही मार्गदर्शन न मिले, तो प्रतिभा भी अधूरी रह जाती है. उन्होंने प्राचार्य प्रो अरविंद कुमार अमर और विभागाध्यक्ष प्रो मिथलेश कुमार के निरंतर सहयोग की सराहना की. इसके साथ ही अपनी कक्षा के शिक्षकों प्रो हरे कृष्ण मिश्रा, प्रो नितीश कुमार, प्रो भवेश नंदन, प्रो आशीष कुमार सुमन, प्रो मितेश कुमार, प्रो कुमार अश्क और प्रो अभिमन्यु मंडल के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया. आजाद ने बताया कि जब भी उन्हें किसी विषय में कोई परेशानी आई, तो उनके प्रोफेसरों ने बिना किसी हिचकिचाहट के उनकी मदद की.
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासित माहौल का दिखा नतीजा
छात्र की इस बड़ी कामयाबी पर बीपी मंडल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के प्राचार्य प्रो अरविंद कुमार अमर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे संस्थान के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया. उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की असली पहचान वहां के विद्यार्थियों की सफलताओं से होती है. महाविद्यालय में संचालित उच्च स्तरीय शैक्षणिक गतिविधियों, नियमित व्यक्तिगत मार्गदर्शन, अनुशासित अध्ययन वातावरण और समर्पित शिक्षकों के लगातार प्रयासों का ही परिणाम है कि आज यहां के बच्चे राष्ट्रीय और विश्वविद्यालय स्तर पर अपनी चमक बिखेर रहे हैं. संस्थान भविष्य में भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए नए अवसर और सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है.
विभाग की लगातार दूसरी बड़ी जीत, कुमार शानू की परंपरा को बढ़ाया आगे
महाविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी प्रो उत्तम कुमार ने इस सफलता के दूरगामी महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह बीपी मंडल कॉलेज के लिए लगातार दूसरे वर्ष की गौरवपूर्ण उपलब्धि है. पिछले वर्ष भी इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (ईईई) विभाग के ही होनहार छात्र कुमार शानू ने विश्वविद्यालय स्तर पर कांस्य पदक हासिल कर कॉलेज का मान बढ़ाया था. लगातार दूसरे साल ईईई विभाग के छात्रों द्वारा यूनिवर्सिटी लेवल पर मेडल जीतना यह साबित करता है कि कॉलेज का यह विभाग तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नए मापदंड स्थापित कर रहा है.
BP Mandal Engineering College: स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणा और कोशी क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा का नया सवेरा
मधेपुरा जैसे ग्रामीण और पिछड़े माने जाने वाले इलाके में बीपी मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज का यह प्रदर्शन स्थानीय युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन रहा है. कभी बेहतर पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों का रुख करने वाले छात्रों के लिए आजाद अंसारी की यह सफलता एक मिसाल है. यह इस बात का स्पष्ट संदेश है कि यदि अपने ही जिले में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और योग्य शिक्षक मिलें, तो यहां के बच्चे किसी से कम नहीं हैं. आजाद की इस कामयाबी ने न सिर्फ उनके सहपाठियों में नया जोश भर दिया है, बल्कि आने वाले नए बैच के छात्रों के सामने भी एक बड़ा लक्ष्य तय कर दिया है.
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