जीविका दीदियों के हाथों सिलाई गयी ड्रेस पहनकर मुस्कुरायेंगे आंगनबाड़ी के बच्चे

जीविका दीदियों के हाथों सिलाई गयी ड्रेस पहनकर मुस्कुरायेंगे आंगनबाड़ी के बच्चे

कुमारखंड.

आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों का यूनिफॉर्म अब जीविका दीदियों के हाथों तैयार हो रही है. जीविका दीदी के हाथों सिलाई की गयी ड्रेस पहनकर 254 आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चे मुस्कुरायेंगे. जीविका के प्रखंड परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अजहर इमाम ने जीविका महिला सिलाई प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों के लिए सिलाई की गयी पोशाक का वितरण किया. परियोजना प्रबंधक ने कहा कि इस केंद्र की खास बात यह है कि ये सभी ड्रेस किसी बड़ी फैक्ट्री में नहीं, बल्कि स्थानीय जीविका दीदियों द्वारा स्वयं तैयार की गयी है. यह कदम न केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाता है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी भी बना रहा है. वितरण के दौरान सूरज एवं किरण संकुल संघों की दीदी प्रतिनिधि कुंती देवी, रंजू देवी, कविता देवी, रीता देवी ने बताया कि इन पोशाकों को तैयार करने में कपड़े की गुणवत्ता और बच्चों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है. दीदियों की कड़ी मेहनत का परिणाम है.

मौके पर परवेज आलम, संदीप कुमार, अखिलेश कुमार, बाल विकास परियोजना की महिला पर्यवेक्षिका रजनी सिंह, किरण राघव,बीसी आशीष कुमार और सेविका सपना कुमारी आदि उपस्थित थी.

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Published by: Kumar ashish

कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.

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