अंचलाधिकारी के साथ की मारपीट
गम्हरिया (मधेपुरा) : जिले के गम्हरिया प्रखंड में मतगणना के दौरान गड़बड़ी किये जाने का आरोप लगाते हुए प्रशासन के खिलाफ लोगों का आक्रोश सोमवार को एक बार फिर भड़क उठा. प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित मतगणना केंद्र के बाहर ही झाड़ी में मुहर लगा सात-आठ बैलेट पेपर मिलने और उसी परिसर में स्थित एक भवन में अधजला बैलेट पेपर, सील और पैकेट को सील करने में प्रयुक्त होने वाला चपड़ा भारी मात्रा में मिलने के बाद लोग आपे से बाहर हो गये. लोगों ने पहले धरना दिया और बाद में सड़क पर उतर कर उग्र प्रदर्शन किया.
राजनीतिक दबाव में आकर बैलेट पेपर बदलने का आरोप
पीड़ित प्रत्याशी के समर्थकों का आरोप है कि मतगणना में प्रशासन ने राजनीतिक दबाव में आ कर बैलेट पेपर बदल दिया है. लोगों ने स्थानीय विधायक सह आपदा प्रबंधन मंत्री प्रो चंद्रशेखर पर
ग्रामीणों ने एएसपी…
भी आरोप लगा रहे थे. इस दौरान समझाने गये अंचलाधिकारी के साथ लोगों ने मारपीट की. बाद में एएसपी पहुंचे तो उनके साथ भी धक्कामुक्की की गयी. उन्हें लोगों ने बंधक बना कर एक जगह बैठा दिया. लोग डीएम के आने तक उन्हें नहीं छोड़ने और पूरे प्रखंड क्षेत्र में फिर से मतदान कराने की मांग कर रहे है. देर शाम तक जाम और हंमागा जारी था और जिला से एक भी वरीय पदाधिकारी स्थल पर नहीं पहुंचे थे.
इससे पहले दो जून को मतगणना के दौरान गम्हरिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए लोगों ने भारी हंगामा करते हुए पुलिसकर्मियों पर पथराव किया था. इस घटना में पुलिस ने तीस राउंड गोलियां चलायी थी. सोमवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे गम्हरिया प्रखंड क्षेत्र के सभी आठों पंचायत के पराजित मुखिया प्रत्याशी, जिप प्रत्याशी, पंसस प्रत्याशी सहित कई वार्ड सदस्य प्रखंड कार्यालय परिसर में शांतिपूर्ण धरना पर बैठे थे. इनकी मांग थी कि मतगणना में धांधली की गयी है
इसलिए पुनर्मतदान करायी जाये. कुछ देर बाद बैलेट पेपर मिलने से मामला गरमा गया. लोग पूरे प्रखंड कार्यालय परिसर में खोजबीन करने लगे तो अन्य जगह से भी कहीं फटा तो कहीं ठीक बैलेट पेपर मिलने लगे. लोगों ने आक्रोशित होकर सड़क जाम कर उग्र प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. इस दौरान जिले के किसी प्रशासनिक पदाधिकारी ने लोगों के फोन रीसिव नहीं किया. लोग मंत्री सहित अधिकारियों पर धांधली का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करते रहे.
अंचलाधिकारी ने लोगों से तमाम बैलेट पेपर लेते हुए रिसिविंग भी दी. शाम करीब पौने छह बजे अंचलाधिकारी के साथ लोगों ने मारपीट की. इसके करीब आधे घंटे बाद पहुंचे एएसपी राजेश कुमार के साथ भी लोगों ने धक्कामुक्की की. देर शाम तक लोगों का उग्र प्रदर्शन जारी था.
उपद्रवियों को लोकतंत्र का करना चाहिए सम्मान
अपने खिलाफ लगाये गये आरोपों के बारे में स्थानीय विधायक सह आपदा प्रबंधन मंत्री प्रो चंद्रशेखर ने कहा कि यह पंचायत चुनाव कितना निष्पक्ष हुआ इसका जीता जागता प्रमाण है कि उनके प्रखंड प्रतिनिधि राजनारायण की पत्नी जो पूर्व प्रमुख रह चुकी है, वह 54 वोट से हार गयी. उनकी खास ममेरी बहन के पति नवीन कुमार कुमारखंड से 11 वोट से हार गये. दरअसल जनता ने इस बार गंठबंधन से जुड़े 80 फीसदी लोगों को पंचायत चुनाव में मौका दिया है.
इससे विपक्ष बौखलाये हैं. उपद्रव करने वाले लोगों को लोकतंत्र का सम्मान करना चाहिए. हंमागा करने के बजाय वे अपने क्षेत्र की जनता की सेवा करें तो अगली बार उन्हें मौका मिल सकता है. जनता अगले संसदीय चुनाव में भी इन हंगामा करने वाले लोगों को मुंहतोड़ जवाब देगी.
