आमदनी करोड़ों की, सुविधा देने में जीरो
मधेपुरा : बस स्टैंड पर यात्री विश्राम गृह लोगों के लिए शोभा की बस्तु बन कर रह गयी है. साफ सफाई नहीं होने से विश्राम गृह में मुसाफिर जाना नहीं पसंद करते है. विश्राम गृह में धुल व कचरा विखरा पड़ा रहता है. विश्राम गृह के बगल में कूड़े का ढेर लगा हुआ है. आस […]
मधेपुरा : बस स्टैंड पर यात्री विश्राम गृह लोगों के लिए शोभा की बस्तु बन कर रह गयी है. साफ सफाई नहीं होने से विश्राम गृह में मुसाफिर जाना नहीं पसंद करते है. विश्राम गृह में धुल व कचरा विखरा पड़ा रहता है. विश्राम गृह के बगल में कूड़े का ढेर लगा हुआ है. आस पास लोग मूत्र भी त्याग करते है. जिससे विश्राम गृह के अगल बगल दुर्गंध फैली रहती है.
वहीं विश्राम गृह के अंदर यात्रियों के बैठने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है. विशेष कर महिला यात्रियों को बस के इंतजार में घंटों खड़ा रहना पड़ता है. जिससे महिलाओं को गर्मी के मौसम में धूप के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है.
नियम का नहीं होता पालन
मधेपुरा बस स्टैंड से पटना, भागलपुर, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, बीरपुर आदि जगहों के लिए रोज छोटे बड़े गाड़ियों का आवागमन होते रहता है. साथ ही रोज हजारों यात्रियों का आना जाना लगा रहता है. लेकिन वाहन चालकों की मनमर्जी के कारण जहां मरजी वहीं गाड़ी खड़ी होती है. जिससे आये दिन जाम की समस्या बनी रहती है. चालकों को कुछ कहने पर उलझ पड़ते है. बस स्टैंड के बाहर गाडियों की कतार लगी रहती है. जिससे जाम की समस्या उत्पन्न होना आम बात हो गयी है. बस स्टैंड के अंदर गाड़ियों को खड़ी करने के लिए कोई लाइन निर्धारित नहीं है. इस संबंध में स्थानीय निवासी पंकज कुमार का कहना है कि वे रोज बस स्टैंड से बस पकड़ कर आलमनगर नौकरी के लिए जाते है. यदि कभी बस मिलने में थोड़ा विलंब होता है. तो यहां कहीं बैठने के लिए जगह नहीं है. खास कर महिला, बच्चे, वृद्ध यात्रियों को घोर परेशानी का सामना करना पड़ता है. वहीं यात्री सुनील कुमार ने बताया कि चारों तरफ गंदगी फैली रहने से यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. जिला मुख्यालय का यह मुख्य बस स्टैंड होने के बावजूद जहां साफ सफाई का अभाव देखा जाता है. वहीं यात्रियों की सुविधा का घोर अभाव है. यात्री सौरभ कुमार, रूपम सादा, सुनील ऋषिदेव, राजीव यादव, संजीव यादव, बेचन कुमार आदि ने बताया विश्राम गृह नहीं होने के कारण बस नहीं मिलने पर बैठने के लिए जगह तलाश करनी पड़ती है. यात्रियों ने जिला प्रशासन से बस स्टैंड में विश्राम गृह दुरुस्त करने की मांग की है. जिससे यात्रियों की मुश्किलें आसान हो सके.