लड़कों से आगे निकली मधेपुरा की बेटियां

शाबाश . मैट्रिक के परीक्षा परिणाम में अव्वल आ छात्राओं ने किया िजले का नाम रोशन कोसी का इलाका आर्थिक दृष्टिकोण से काफी पिछड़ा रहा है. कोसी के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र शिक्षा स्वास्थ्य व सड़क जैसे मूलभूत सुविधा से आज भी वंचित है. इन परेशानियों को दरकिनार कर मधेपुरा की बेटियां हर विद्या में लड़कों […]

शाबाश . मैट्रिक के परीक्षा परिणाम में अव्वल आ छात्राओं ने किया िजले का नाम रोशन

कोसी का इलाका आर्थिक दृष्टिकोण से काफी पिछड़ा रहा है. कोसी के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र शिक्षा स्वास्थ्य व सड़क जैसे मूलभूत सुविधा से आज भी वंचित है. इन परेशानियों को दरकिनार कर मधेपुरा की बेटियां हर विद्या में लड़कों से दो कदम आगे निकल गयी हैं. बेटियों ने सामाज में फैले इस भ्रांति को तोड़ दिया कि बेटियां घर की चौखट लांघ कर आगे नहीं बढ सकती हैं.
मधेपुरा : मैट्रिक की परीक्षा के परिणाम में जिले के मुरलीगंज प्रखंड स्थित तिलकोड़ा गांव की प्रीति कुमारी ने सर्वोच्च पांचवा स्थान प्राप्त कर जिले का मान बढाया है. मैट्रिक के परीक्षा परिणाम में मधेपुरा की बेटी ने ही सूबे में अपना परचम लहराया. वहीं सीबीएसई 10वीं की परीक्षा परिणाम में मधेपुरा की बेटियों ने लड़कों को काफी पीछे छोड़ दिया. सीबीएसई 10वीं की परीक्षा में टेन सीजीपीए का अंक प्राप्त करने में लड़कों के मुकाबले लड़कियों की संख्या काफी अधिक है.
उदाहरण तौर पर जिला मुख्यालय स्थित हॉली क्रॉस स्कूल, केपीएस, दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल सहित अन्य विद्यालयों के रिजल्ट में लड़कियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है.
मुरलीगंज प्रखंड के तिलकोड़ा गांव की प्रीति कुमारी ने स्टेट टॉपर में पाया पांचवां स्थान
डॉक्टर बन कर गरीबों का इलाज करेगी रीचा
सीबीएसई 10वीं की परीक्षा में इस वर्ष अंधेरे से चिराग निकलने वाली बात हो गयी है. सिंहेश्वर जैसे कस्बाई इलाके से एक नहीं आधा दर्जन लड़कियां टेन सीजीपीए अंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है. जिसमें सिंहेश्वर निवासी संजीव शुक्ला एवं गृहणि सुधा शुक्ला की बेटी रीचा शुक्ला ने यह गौरव हासिल की. रीचा ने यह साबित कर दिखाया कि मन में जोश व उमंग हो तो मंजिल दूर नहीं होती है.
सीबीएसई 10वीं की परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाली रीचा डॉक्टर बन कर गरीबों का इलाज करने की ख्यालात रखती है. वह कहती है कि पहले वह एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त करेगी फिर एमडी. इसके बाद एक नि:शुल्क हॉस्पिटल खोल कर गरीब व बेसहारा लोगों को मुफत में इलाज करेगी. रीचा की सफलता पर पिता संजीव शुक्ला व माता सुधा शुक्ला फुले नहीं समा रहे थे. वहीं रीचा की छोटी बहन व भाई ने लोगों में मिठाई बांट कर खुशियां मनायी.
आइएएस बन कर देश की सेवा करेगी रितिका व सपना
वैसे तो दसवीं बोर्ड हो या सीबीएसई 10वीं की परीक्षा छात्र-छात्राओं के लिए सफलता की पहली सीढी इसी को कहा जाता है. सफलता की पहली ही सीढी को दमदार तरीके से पार कर मधेपुरा की बेटियों ने मंजिल को नजदीक ला खड़ा कर दिया है. ग्रामीण परिवेश में पली बढी गौरीपुर पंचायत की सपना सोनी एवं रितिका कुमारी ने सीबीएसई 10वीं की परीक्षा में टेन सीजीपीए अंक हासिल की है. खास बात यह है कि सपना सोनी व रितिका दोनों चचेरी बहन है और दोनो की सोच एक जैसी मिलती है. गौरीपुर निवासी संतोष स्वर्णकार व गृहणी कंचन देवी की पुत्री सपना का सपना है कि वह आइएएस बन कर देश की सेवा करेगी. वहीं गौरीपुर निवासी शंकर स्वर्णकार व सरस्वती देवी की पुत्री रितिका ने कहा कि वह आगे चल कर आइएएस की तैयारी करेगी. दोनों बहन की सोच काफी मिलती जुलती है. वहीं दोनों के माता पिता बेटियों की सफलता से अभिभूत है. उनका मानना है कि बेटी जहां तक चाहे पढे और जिस दिशा में आगे बढे हमेशा परिवार की तरफ से सहयोग किया जायेगा.

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