पुरैनी, (मधेपुरा) : बसंत पंचमी पर 1978 से लगातार हर वर्ष लगाये जा रहे प्रखंड के कुरसंडी पंचायत अंतर्गत मध्य विद्यालय बलिया के मैदान में कृषि यांत्रिकरण सह उपादान मेला का शुभारंभ मधेपुरा लोस के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने किया. उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा की इस क्षेत्र के किसानों के लिये कोई भी बाजार उपलब्ध नहीं है. कृषि प्रधान देश होने के बावजुद भारत में 17 करोड़ 86 लाख व्यक्ति के लिये आज भी अनाज नहीं उपजता है.
यहां बड़े -बड़े किसानों को सराकारी स्तर से सबसिडी दी जाती है. लेकिन दो बीघा से नीचे वाले किसानों के हीत के लिये कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है. अगर छोटे किसानों की हालत में सुधार करनी है, तो सरकार उसे पानी और बीज नि:शुल्क मुहैया करावे. साथ ही आजतक को-ऑपरेटिव सिस्टम यहां क्यों नहीं लागू किया गया. जबकि इसकी कल्पना बहुत पहले की गयी थी. बड़े-बड़े जमीनदार इस सिस्टम को जहां लागू होने देना नहीं चाहते हैं. वहीं विदेश में बैठे लोग आपके खेत को बंजर बनाने में तूले है.
अगर सरकार देश में 1-2 बीघा वाले छोटे किसानों को खुशहाल देखना चाहती है तो सारी सबसिडरी एवं थेक एवं खुदरा विक्रेता प्रणाली को खत्म कर को-आपरेटिव के माध्यम से उन्हें लाभ दे. इस क्षेत्र में बांस की उपज इतनी है की हम दुनिया को बांस दे सकते है. लेकिन हमारे पास उचित बाजार एवं संसाधन का अभाव है. वर्षों पूर्व इस क्षेत्र में उत्तम किस्म के जुट की खेती बृहत पैमाने पर की जाती थी लेकिन अब स्थिति यह है की जब जुट का समय आता है तो तालाब, नहर व नदी में पानी ही नहीं रहती है. जो पानी कोसी व मिथिला के लिये वरदान साबित हुआ करती थी वह अब सरकार की कुव्यवस्था के कारण अभिशाप बनकर रह गयी है. इसके पूर्व सांसद द्वारा किसान कैलेन्डर एवं किसान डायरी का भी विमोचन मंच से किया गया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता पुरैनी प्रखंड प्रमुख जयप्रकाश सिंह ने की. मौके पर आत्मा परियोजना निदेशक राजन बालन, जिला कृषि पदाधिकारी यदुनंदन प्रसाद यादव, जिला गब्य पदाधिकारी, एसडीओ मुकेश कुमार, एसडीपीओ रहमत अली, कृषि वैज्ञानिक डा मिथिलेश कुमार राय, सीओ अशोक कुमार मंडल, मिथिलेश सिंह, किसान भूषण अभिमन्यू शर्मा, पूर्व जीप सदस्य अखिलेश कुमार, पूर्व जिप उपाध्यक्ष रामकुमार यादव, अनिल अनल, राजाराम मेहता, मुखिया चन्देश्वरी राम, उपेंद्र नारायण मेहता, जवाहर प्रसाद, आलोक कुमार आदि थे.
