दियारा की जमीन पर अपराधियों का कब्जा

उदाकिशुनगंज : दियारा में सोमवार को हुए पुलिस के फ्लेग मार्च की जरूरत इस इलाकों महीनों से थी. हालांकि केवल फ्लेग मार्च से ही स्थिति में सुधार नहीं होगा. पुलिस को इस क्षेत्र में सख्ती से कैंप करना होगा. इस क्षेत्र में किसानों की स्थिति दयनीय होती जा रही है. वास्तविक किसान भूमिहीन होते चले […]

उदाकिशुनगंज : दियारा में सोमवार को हुए पुलिस के फ्लेग मार्च की जरूरत इस इलाकों महीनों से थी. हालांकि केवल फ्लेग मार्च से ही स्थिति में सुधार नहीं होगा. पुलिस को इस क्षेत्र में सख्ती से कैंप करना होगा. इस क्षेत्र में किसानों की स्थिति दयनीय होती जा रही है. वास्तविक किसान भूमिहीन होते चले जा रहे है.

जिस जमीन का बटाई कर बटेदार अपने परिवार का भरण पोषण करते थे उसके सामने भी आर्थिक तंगी की समस्या उत्पन्न हो गयी है. मक्का फसल की बुआई शुरू होते ही अत्याधुनिक हथियार बंद अंतर जिला आपराधिक गिरोहों के द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा है. अपराधियों की घोड़े की टाप व बंदकों की गूंजती आवाज से कोसी का दियारा इलाका थर्रा उठा है. ऐसी स्थिति में किसान व बटेदार डरे सहमे हुए हैं.

मक्का फसल लगाने को बेताब अपराधी : मक्का फसल लगाने के लिए जुताई बटेदार द्वारा की गयी. जब बौनी की बारी आयी तो उससे पहले ही अपराधी उस खेतों में मक्का बीज की रौपनी कर दिया. डर से जमीनदार व बटायदार मुंह भी नहीं खोल पा रहा है. अगर अपनी जुबान खोला तो जिंदगी से हाथ धोना पड़ जायेगा. यानी खर्च कर खेत की जुताई बटेदार ने किया पर मक्का लगाने का काम अपराधी ने किया. यह तो इस क्षेत्र के किसानों के लिए अभिशाप बन गया है.
मछली माही करने जाते है अपराधी : हर वर्ष आने वाले बाढ़ का पानी निचली जमीन में सालों भर जमा रहता है उसमें लाखों रूपये की मछली हर वर्ष जनवरी से फरवरी माह तक में अपराधी माही कर ले जाते है. जिससे भू स्वामी को कोई लाभ नहीं हुआ करता है. दिन प्रतिदिन भूस्वामियों की आर्थिक दशा बदतर और अपराधियों बेहतर होती जा रही है.
पुलिस से नहीं कर पाते है शिकायत : अपराधियों के भय से किसान पुलिस से भी शिकायत नहीं कर पाते है. चूंकि शिकायत दर्ज करवाने के बावजूद भी अपराधियों को पुलिस गिरफ्तार कर पाने में अक्षम हो जाती है. फिर किसानों के जान पर खतरा आना स्वभाविक ही है. चूंकि कोसी के दियरा क्षेत्र में अपराधियों का शासन चला करता है.
भौगोलिक बनावट भी काफी पेंचिदा है. इस क्षेत्र में घटना को अंजाम देकर अपराधी कोसी के जरिये भागलपुर जिला क्षेत्र में प्रवेश कर जाता है. जहां काश और सघन झउआ जंगल अपराधियों के छीपे रहने का अच्छा ठिकाना बन गया है. जबकि पश्चिम दिशा में खगडि़या जिले का क्षेत्र है.

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