बचे धान भी बिचौलिया के हाथ किसान बेचने को मजबूर — सरकार के द्वारा समय निर्धारित होने के बावजूद भी समय से नहीं किया जा रहा है धान की खरीद — प्रतिनिधि, ग्वालपाड़ा प्रखंड क्षेत्र में सरकारी स्तर से धान खरीद नहीं होने से किसानों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. सरकारी घोषणा के अनुसार पांच दिसंबर से धान की खरीद की जानी थी. लेकिन आज 18 दिसंबर बीतने को है लेकिन धान की खरीद नहीं हो पायी है. जिससे किसान काफी परेशान है. किसानों ने बताया कि कुछ दिन पूर्व खाने के लिए सिर्फ धान रख कर बाकी बेच लिया था. लेकिन फिर धान बेचने की नौबत आ गयी है. चूंकि फसल में सिंचाई के लिए बिचौलिया के हाथों धान बेचने के लिए बाजार में चक्कर काट रहे है. धान की खरीद में हो रहे विलंब के बाबत डीसीओ समरेस कुमार सिंह, बीसीओ अमित कुमार ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र के सभी पैक्स को यूजर आईडी उपलब्ध नहीं हो पाया है. साथ ही धान में नमी अधिक है लेकिन केंद्र पर नमी मापक यंत्र उपलब्ध नहीं है. मात्र तीन केंद्रों पर ही नमी मापक यंत्र उपलब्ध है. इस तरह धान खरीद का सरकारी आंकड़ा प्राप्त करना संभव नहीं हो पायेगा. अगर ऐसा हो भी जाता है तो किसानों को कम एवं बिचौलियों को ज्यादा फायदा होगा. बहर हला जो भी हो किसानों को तो परेशानी उठना पड़ रहा है.
बचे धान भी बिचौलिया के हाथ किसान बेचने को मजबूर
बचे धान भी बिचौलिया के हाथ किसान बेचने को मजबूर — सरकार के द्वारा समय निर्धारित होने के बावजूद भी समय से नहीं किया जा रहा है धान की खरीद — प्रतिनिधि, ग्वालपाड़ा प्रखंड क्षेत्र में सरकारी स्तर से धान खरीद नहीं होने से किसानों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. सरकारी घोषणा के […]
