मधेपुरा : गत एक पखवारे से तेज पछिया हवा के साथ गर्मी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है. सोमवार से ही दस बजे दिन से ही चल रही हल्की पूरबा हवा के झोंके मंद हो गये और उमस भरी गर्मी ने बेचैन कर दिया. जानकार बताते हैं कि मौसम का यही हाल रहा तो लू का प्रकोप शुरू हो जायेगा. गर्मी का असर मार्केट में दिखायी देने लगा है.
कोल्ड ड्रिंक्स व जूस की ब्रिकी बढ़ गयी है, तो दूसरी तरफ अन्य सामान के बिक्री पर असर पड़ा है. दिन में लगता है कि आसमान से आग बरसने है. गुरुवार को ही जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री हो गया था. इसी वजह से दिन भर उमस भरी गर्मी लोगों को बेचैन करती रही.
सड़क पर निकलते ही सूर्य से निकल रही आग के गोले लोगों के शरीर को झुलसा रही थी. गर्म हवा चलने के कारण दिन भर लोग घरों में दुबके रहे. इधर, जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल सहित विभिन्न प्रखंडों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में गर्मी के कारण रोगियों की संख्या में इजाफा हो गया है.
खासकर डायरिया, टायफाइड व गर्मी से होन वाले अन्य बीमारी के पीड़ितों की लंबी लाइन अस्पतालों में देखी जा रही हैं. सदर अस्पताल में डायरिया टायफाइड के मरीजों में इजाफा हो गया है.
फलों की हो सकती है किल्लत:
जूस की दुकानदार कहते हैं अगर इस तरह की गर्मी रह गयी, तो बाजार में फलों की किल्लत हो जायेगी और लोगों को जूस नहीं मिल पायेगा. गर्मी बढ़ने से अच्छी बिक्री हो रही है. पुरानी बाजार स्थित सुनील शृंगार के संचालक राकेश कुमार कहते हैं कि नजदीक में कॉलेज होने के कारण कोल्ड ड्रिंक्स की बिक्री परवान पर है. ब्लेक कोलड्रिंग्स तो पूरे बाजार में है ही नहीं. जैसे कोक, थमसप आदि.
लू के लक्षण
चिकित्सक डाॅ अरुण कुमार मंडल ने कहा लू लगने पर इसके लक्षणों को पहचान कर तत्काल उपचार शुरू कर देना चाहिए. बदलते मौसम में तेज बुखार लगना, पेट में दर्द होना, उल्टी होना, चक्कर आना आदि लू के लक्षण है. लू से बचाव के लिए धूप में निकलने से परहेज करें.
यदि निकले तो छाता लेकर निकले, सन प्रोटेक्शन चश्मा का व्यवहार करें, मसालेदार पदार्थ का उपयोग कम करें, हरा साग-सब्जी का सेवन करें, ज्यादा से ज्यादा पानी पीये, ओआरएस और ग्लूकोज का सेवन करें, कच्चे आम को आग में पका कर शरबत पीये, नमक वचीनी पानी का संतृप्त घोल बना कर पीये.
पेय पदार्थ पर रखे नजर
ब्रांडेड कंपनियां सौ प्रतिशत शुद्ध प्रोडक्ट देने का दावा करती है, लेकिन बाजार में कई नकली कंपनी की पेय पदार्थ भी बिक रहे हैं. इस मामले में उपभोक्ता को भी पैनी नजर रखनी होगी. साथ ही एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें. बताया जाता है कि ठंड के मौसम में कंपनी के बेहतरीन ऑफर रहने से स्टॉक कर लिया जाता है.
गर्मी चढ़ते ही स्टॉक किये गये पेय पद्धार्थ की बिक्री शुरू की जाती है, लेकिन इस दौरान स्टॉक में महीनों रहने के कारण अधिकांश एक्सपयार पेय पद्धार्थ बाजार में बिकती है. जानकारों का मानना है कि एक्सपयार पेय पद्धार्थ लोगों के शरीर में मीठा जहर का काम करती है. इससे लोगों की जान भी जा सकती है.
