लखीसराय.
व्यवहार न्यायालय लखीसराय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम राजन कुमार की कोर्ट ने गुरुवार को चानन थाना क्षेत्र के बसमतिया गांव जून 2014 में हुए एक 13 वर्षीय बालक की हत्या के मामले में एक महिला आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनायी है. साथ ही 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है. अर्थदंड नहीं दिये जाने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा का प्रावधान रखा गया है. इस संबंध में जानकारी देते हुए अपर लोग अभियोजक (एपीपी) हरेराम शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने गुरुवार को सेशन नंबर 228/16 सह चानन थाना कांड संख्या 47/14 के सेक्शन 341, 323, 325, 337, 302, 504/34 आईपीसी में सुनवाई करते हुए कांड के अभियुक्त सह इंद्रदेव यादव की पत्नी गायत्री देवी को उम्रकैद की सजा सुनायी है. उन्होंने घटना का विवरण देते हुए बताया कि घटना के सूचक सह बसमलिया निवासी स्व. महावीर यादव के पुत्र सदाशिव यादव के अनुसार सूचक अपने घर के आगे सरकारी चापाकल लगा हुआ था. जिसका प्लेटफार्म टूट गया था. सात जून 2014 की सुबह सात-आठ बजे चापाकल के टूटे प्लेटफार्म को देख उन्होंने उसकी मरम्मत कराने की सोच शाम में सीमेंट से प्लास्टर करवाया. जिसके बाद सभी को उक्त चापाकल से पानी भरने को मना किया था. उसी समय उनका भतीजा प्रमोद कुमार उर्फ लारा आकर पानी चलाकर हाथ पैर धोने लगा. इस दौरान उसी जगह मौजूद सूचक का 13 वर्षीय पुत्र दीपक कुमार उसे पानी भरने से मना किया, जिस पर प्रमोद कुमार दीपक के साथ गाली गलौज व मारपीट करने लगा. जिस पर सूचक के द्वारा दोनों को समझा बुझा कर अलग कर दिया गया. जिसके कुछ देर बाद उसके भाई इंद्रदेव यादव व उनकी पत्नी गायत्री देवी अपने दो नाबालिग पुत्रों के साथ आयी और लाठी डंडे से घेर कर दीपक को मारने के लिए दौड़ी. जिसपर दीपक भागने लगा तो उसे खदेड़कर बिंदेश्वरी यादव के परती जमीन पर पकड़कर ताबड़तोड़ लाठी डंडे से प्रहार किया. इस दौरान गायत्री देवी दीपक में लटकी रही. तीनों के प्रहार से दीपक गंभीर रुप से घायल हो गया. उसी समय सूचक आया तो उन्हें भी लाठी से मारकर हाथ तोड़ दिया. ग्रामीणों के सहयोग से दीपक को लखीसराय में डॉ हिमकर के निजी क्लीनिक में इलाज के लिए भर्ती कराया गया,जहां इलाज के दौरान दीपक की मौत हो गयी. उपरोक्त आरोपियों में इंद्रदेव यादव की मौत हो जाने व दोनों नाबालिगों को जुवेनाइल में सुनवाई के लिए भेजा गया. वहीं मामले में गायत्री देवी को धारा 302 के तहत उम्रकैद की सजा सुनायी गयी. मामले में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से एपीपी हरेराम शर्मा एवं बचाव पक्ष से अधिवक्ता उदय नारायण चौधरी बहस में शामिल हुए.
