लखीसराय. सूर्यगढ़ा थाना क्षेत्र के निस्ता गांव में वर्ष 2022 में दर्ज गांजा तस्करी मामले में मंगलवार को एडीजे द्वितीय सीमा भारतीय की अदालत ने फैसला सुनाया. अदालत ने मामले में दोषी निस्ता निवासी चानो यादव के पुत्र मुन्ना यादव को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनायी. वहीं कामो यादव के पुत्र डबलू यादव को 15 वर्ष के कारावास की सजा दी गयी. अदालत ने दोनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं देने पर दोनों को छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.
सूर्यगढ़ा थाना कांड संख्या 395/22 से जुड़ा है मामला
मामला सूर्यगढ़ा थाना कांड संख्या 395/22 से संबंधित है. पुलिस ने दिसंबर 2022 में निस्ता गांव में छापेमारी कर बड़ी मात्रा में गांजा बरामद किया था. मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने मंगलवार को दोनों आरोपितों को दोषी करार देते हुए सजा सुनायी.
बथान और ई-रिक्शा से बरामद हुआ था 470 किलो गांजा
मामले के अनुसार 19 दिसंबर 2022 की देर रात सूर्यगढ़ा थानाध्यक्ष राजीव कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने निस्ता गांव में छापेमारी की थी. कार्रवाई के दौरान अंचलाधिकारी सुमित कुमार आनंद भी मौजूद थे.
पुलिस ने डबलू यादव के बथान और मौके पर खड़े ई-रिक्शा की तलाशी ली थी. तलाशी के दौरान अलग-अलग बोरों में पैक गांजा बरामद किया गया था. पुलिस के अनुसार बरामद गांजे का कुल वजन 470 किलो था.
दो दोषियों को कठोर सजा
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के बाद मुन्ना यादव को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनायी. वहीं डबलू यादव को 15 वर्ष के कारावास की सजा दी गयी. दोनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर दोनों दोषियों को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.
दो अन्य नामजद आरोपितों का ट्रायल जारी
मामले में नामजद तारकेश्वर यादव, पिता कपिलदेव यादव और परमानंद यादव, पिता नारायण यादव के खिलाफ अभी ट्रायल चल रहा है. दोनों के मामले में न्यायालय में सुनवाई जारी है.
अभियोजन और बचाव पक्ष ने रखा अपना पक्ष
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक घनश्याम प्रसाद यादव और अनुज राज ने न्यायालय में पक्ष रखा. वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अरविंद सुधांशु और अरुण कुमार साव ने पैरवी की.
