-राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित
-अभिभावकों बेटियों की शिक्षा करें सुनिश्चित: पिंकी कुशवाहा
-राष्ट्रीय महिला दिवस पर गूंजा बेटियों के सशक्तिकरण का संदेश
-खेल व सम्मान से सजा भव्य आयोजन
-भंडार गांव के दुर्गा मंदिर परिसर में जिला प्रशासन ने किया कार्यक्रम आयोजित
चानन‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. प्रखंड अंतर्गत भंडार गांव स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में महिला व बाल विकास निगम एवं जिला प्रशासन, लखीसराय के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन हुआ. बालिका खिलाड़ियों ने पुष्प वर्षा कर सभी अतिथियों का स्वागत किया, जिससे कार्यक्रम की शुरुआत ही गरिमामय वातावरण में हुई. सर्वप्रथम डीएम मिथिलेश मिश्र, बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य पिंकी कुशवाहा, आईसीडीएस की जिला प्रोग्राम पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी मिशन शक्ति वंदना पांडेय, प्रखंड विकास पदाधिकारी चानन प्रिया कुमारी तथा संग्रामपुर पंचायत के मुखिया दीपक सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया. मौके पर वंदना पांडेय द्वारा सभी अतिथियों एवं विशिष्ट अतिथियों को अंगवस्त्र, नवपौधा एवं जूट का थैला भेंट कर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस, महिला एवं बाल विकास निगम, डीआरसीसी, जीविका, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा कोषांग, बाल संरक्षण इकाई, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार सहित विभिन्न विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाये गये. डीएम एवं बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य सहित अन्य पदाधिकारियों ने स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं की जानकारी ली.
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महिला कबड्डी प्रतियोगिता रही, जिसमें लखीसराय एवं बड़हिया की टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ. बड़हिया की टीम ने 43-24 के अंतर से जीत दर्ज की. खिलाड़ियों के बीच ट्रैक सूट एवं स्वच्छता प्रबंधन किट्स का वितरण किया गया. साथ ही मननपुर की फुटबॉल टीम तथा एक कुश्ती बालिका खिलाड़ी को भी सम्मानित किया गया.मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए डीएम ने स्वतंत्रता सेनानी एवं देश की प्रथम महिला राज्यपाल सरोजिनी नायडू के जन्मदिन को राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाये जाने की जानकारी देते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण का संकल्प केवल एक दिन का नहीं, बल्कि हर दिन का होना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में नये आयाम स्थापित कर रही हैं, फिर भी समाज में घटती बालिका अनुपात और उनके साथ होने वाली घटनाएं चिंता का विषय हैं. उन्होंने सभी से संकल्प लेने का आह्वान किया कि बेटियों को स्नातक से पहले विवाह नहीं करेंगे तथा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में सक्रिय सहयोग देंगे.
उन्होंने बेटियों को शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी आगे बढ़ाने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, कैंसर एवं फाइलेरिया की जांच सुनिश्चित करने तथा ऊर्जा संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री सूर्य ऊर्जा योजना की जानकारी दी.बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य पिंकी कुशवाहा ने कहा कि बेटी अबला नहीं, सबला है. बेटी दुर्गा और काली का स्वरूप है. उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं चला रही है. कार्यक्रम के अंत में संग्रामपुर पंचायत के मुखिया दीपक सिंह ने अतिथियों को अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया तथा धन्यवाद ज्ञापन किया. मंच संचालन शिक्षक शशांक कुमार ने किया. मौके पर एसडीओ प्रभाकर कुमार, सीओ रवि कुमार, जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक, जिला मिशन समन्वयक, सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक सहित प्रखंड के कई मुखिया, जनप्रतिनिधि एवं सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे.
