जिलाधिकारी को अवगत नहीं कराने से अस्पताल नयी भवन में नहीं हो सका शिफ्ट: एसडीपीओ

लखीसराय के एसडीओ प्रभाकर कुमार ने गुरुवार को बड़हिया रेफरल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया

कई चिकित्सक व कर्मी लंबे समय से गायब, गंदगी व शिफ्टिंग में लापरवाही उजागर

बड़हिया

लखीसराय के एसडीओ प्रभाकर कुमार ने गुरुवार को बड़हिया रेफरल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर खामियां सामने आयी. एसडीओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अस्पताल की स्थिति ऐसी है, मानो उसे खुद इलाज की जरूरत हो. निरीक्षण के क्रम में सबसे बड़ी समस्या अस्पताल की नयी इमारत में अब तक शिफ्टिंग नहीं होना बताया गया. एसडीओ ने कहा कि इस संबंध में केवल अपने स्तर से पत्राचार किया जा रहा है, जबकि जिलाधिकारी को समय रहते अवगत कराया जाना चाहिए था, यदि जिला स्तर से पहल होती, तो अब तक शिफ्टिंग की प्रक्रिया पूरी हो चुकी होती. वर्तमान में संचालित अस्पताल परिसर की साफ-सफाई पर भी एसडीओ ने गहरी नाराजगी जतायी. उन्होंने कहा कि अत्याधिक भीड़ और संकुचित स्थान में अस्पताल का संचालन किया जा रहा है, जबकि गंदगी की स्थिति बेहद चिंताजनक है, जो मरीजों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है. उपस्थिति पंजी की जांच में और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आये. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ उमेश प्रसाद सिंह ने बताया कि चिकित्सकों के लिए बनाये गये रोस्टर का पालन नहीं हो रहा है. कुछ चिकित्सक 13 जनवरी से, तो कुछ 17 जनवरी से लगातार अनुपस्थित पाये गये. एसडीओ ने कहा कि यह गंभीर अनुशासनहीनता है और ऐसे चिकित्सक व कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा जायेगा. जवाब संतोषजनक नहीं होने पर विभागीय कार्रवाई के लिए अनुशंसा के साथ संबंधित विभाग को लिखा जायेगा. निरीक्षण के दौरान यह शिकायत भी सामने आयी कि बिना मोबाइल नंबर के मरीजों का इलाज नहीं किया जा रहा है, जिससे विशेषकर वृद्ध और असहाय मरीजों को परेशानी हो रही है. इसपर एसडीओ ने कहा कि हर व्यक्ति के पास मोबाइल होना अनिवार्य नहीं है, यदि ऐसा कोई नियम है तो इसे जिला स्तर पर उठाया जायेगा और विशेष मामलों में मरीजों को राहत देने के निर्देश प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को दिये जायेंगे. नयी अस्पताल भवन में ट्रांसफॉर्मर और बिजली कनेक्शन की समस्या को लेकर भी एसडीओ ने डीएम से बातचीत कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि यह कोई बड़ी समस्या नहीं है, बल्कि समुचित पहल से इसका समाधान पहले ही हो सकता था. निरीक्षण के अंत में एसडीओ प्रभाकर कुमार ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जायेगी और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई तय है.

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