गंगा व किऊल नदी के जलस्तर में स्थिरता से प्रशासन लिया चैन की सांस

पशुचारा के लिए सिचुएशन के अनुसार कार्य करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं.

दोनों नदियों के साथ साथ गंगा का भी घटा जलस्तर

लखीसराय. किऊल, हरूहर व गंगा नदी के जलस्तर की स्थिरता से जिला प्रशासन में चैन की सांस ली है. जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ पूर्व तैयारी कर चुकी है. बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार नजर आ रही है. जिले के किऊल एवं हरूहर नदी का जलस्तर में स्थिरता के कारण चैन की सांस ली है, हालांकि जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ से निपटने के लिए किसी भी प्रकार के परेशानियां की सामना के लिए पूरी तरह तैयार है. बताया जा रहा है कि गंगा के जलस्तर में सोमवार तक काफी हलचल मची हुई थी लेकिन जल स्तर में कमी आने के कारण मंगलवार से जिला प्रशासन ने घटते जलस्तर को लेकर समय के अनुसार कार्य करने की बात कही है. इधर, अथवा कन्हयपुर एवं वलीपुर दियारा क्षेत्र के किसानों ने बताया कि जलस्तर में कमी हुई है. जिसके कारण लोगों को परेशानियों में कमी आयी है. पशुचारा के लिए सिचुएशन के अनुसार कार्य करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं. इस संबंध में जिला प्रभारी आपदा प्रबंधन पदाधिकारी शशि कुमार ने कहा कि जल संसाधन विभाग द्वारा किसी तरह की कार्य किये जाने को लेकर उन्हें सूचना नहीं दी गयी है. उन्होंने कहा कि नदी के तटबंध को लेकर भी जिला प्रशासन को किसी तरह की सूचना प्राप्त नहीं है, बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयार हैं.

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लेखक के बारे में

राजीव मुरारी सिन्हा लखीसराय में प्रिंट माध्यम में 23 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के लखीसराय कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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