फर्जी हस्ताक्षर करने वाले लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई करने का प्रधान शिक्षकों को निर्देश

शिक्षा विभाग में व्यापक रूप से विद्यालय संचालन व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने को लेकर कार्यों में हुई व्यापक घोटाला में से एक प्रधान शिक्षकों की नकली हस्ताक्षर करने का मामला भी उभर कर सामने आया है.

लखीसराय. शिक्षा विभाग में व्यापक रूप से विद्यालय संचालन व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने को लेकर कार्यों में हुई व्यापक घोटाला में से एक प्रधान शिक्षकों की नकली हस्ताक्षर करने का मामला भी उभर कर सामने आया है. इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम के निर्देश पर योजना एवं लेखा डीपीओ संजय कुमार ने छह प्रधान शिक्षकों को नकली हस्ताक्षर करने वाले का पहचान कर उस पर कार्रवाई करने को लेकर निर्देशित किया गया है. इस संबंध में डीपीओ द्वारा नवसृजित प्राथमिक विद्यालय धीरा, हलसी, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय के बहरावां, हलसी, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय कोनाग मुशहरी, हलसी, प्रावि मकुना, लखीसराय, प्रावि आंबेडकर टोला, बिलौरी, लखीसराय एवं प्रावि बाघी, लखीसराय के प्रधान शिक्षक को पत्र लिखकर फर्जी रूप से हस्ताक्षर करने वाले दोषी व्यक्तियों पर कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है. डीपीओ द्वारा जारी पत्र के अनुसार वित्तीय वर्ष 24-25 के अंतर्गत लखीसराय जिले के सरकारी विद्यालयों में असैनिक कार्य यथा मरम्मवति, किचन शेड, चहारदीवारी का निर्माण, शौचालय मरम्मति/निर्माण/ बिजली वायरिंग का कार्य कराया गया है. विद्यालय में कराये गये इन योजनाओं/असैनिक कार्य की पूर्णता एवं गुणवत्ता की जांच डीएम द्वारा जांच टीम गठित कर योजनाओं की जांच करायी गयी. जांच टीम के द्वारा जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया. उक्त जांच प्रतिवेदन डीएम के द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी को उपलब्ध कराया गया. इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा दिये गये निर्देश के आलोक में फर्जी रूप से हस्ताक्षर करने वाले दोषी व्यक्तियों पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए कार्रवाई प्रतिवेदन 24 घंटे के अंदर अधोहस्ताक्षरी को समर्पित करना सुनिश्चित करेंगे. अन्यथा की स्थिति में आपके विरुद्ध अग्रेतर कार्रवाई हेतू वरीय पदाधिकारी को प्रतिवेदित कर दिया जायेगा. फर्जी रूप से हस्ताक्षर करने वाले दोषी व्यक्तियों पर कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है. डीपीओ द्वारा जारी पत्र के अनुसार वित्तीय वर्ष 24-25 के अंतर्गत लखीसराय जिले के सरकारी विद्यालयों में असैनिक कार्य यथा मरम्मवति, किचन शेड, चहारदीवारी का निर्माण, शौचालय मरम्मति/निर्माण/ बिजली वायरिंग का कार्य कराया गया है. विद्यालय में कराये गये इन योजनाओं/असैनिक कार्य की पूर्णता एवं गुणवत्ता की जांच डीएम द्वारा जांच टीम गठित कर योजनाओं की जांच करायी गयी. जांच टीम के द्वारा जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया. उक्त जांच प्रतिवेदन डीएम के द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी को उपलब्ध कराया गया. इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा दिये गये निर्देश के आलोक में फर्जी रूप से हस्ताक्षर करने वाले दोषी व्यक्तियों पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए कार्रवाई प्रतिवेदन 24 घंटे के अंदर अधोहस्ताक्षरी को समर्पित करना सुनिश्चित करेंगे. अन्यथा की स्थिति में आपके विरुद्ध अग्रेतर कार्रवाई हेतू वरीय पदाधिकारी को प्रतिवेदित कर दिया जायेगा.

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