अब तक 17 सौ हेक्टेयर में हाे गयी धनरोपनी

अब तक 17 सौ हेक्टेयर में हाे गयी धनरोपनी

लखीसराय. जिले में धान की रोपनी का गति तेज हो चुका है. किसानों द्वारा बारिश होने के बाद धान के रूप में तेजी से कर रहे है. धान की रोपनी के लिए खेत तैयार कर रहे है. रोकने के लिए किसान लगभग सभी खेतों का सिंचाई एवं जुताई कर रखा है. किसान रामवीर यादव हलसी कोणाग के किसान अशोक सिंह, विजय सिंह, रणवीर सिंह समेत अन्य किसानों ने बताया कि यह सब नहर के पानी से खेत का पट बनकर जुताई कर रहे हैं. जिसकी बाद धान की रुपाणी शुरू हो जाएगा.

पांच प्रखंडों में बड़े पैमाने पर होती धान की खेती

जिले के पांच प्रखंड चानन, रामगढ़ चौक, हलसी एवं लखीसराय, सूर्यगढ़ा में धान की प्रमुख रूप से खेती होती है. वहीं अन्य दो प्रखंडों में आंशिक रूप से धान की खेती होती है. धान की रोपनी प्राय सूर्यगढ़ा एवं लखीसराय क्षेत्र के पीरीबाजार, कजरा एवं गढ़ी बिशनपुर, खगौर, महीसोना से ही शुरू होती है. वहीं हलसी, चानन एवं सदर प्रखंड के कुछ रकवा जो नहर पर निर्भर है, वहां कुछ विलंब से धान की रोपनी शुरू किया जाता है. बारिश होने के बाद बराज से पानी छोड़ने के बाद नहर तक पहुंचता है. जिसके बाद धान की रोपनी शुरू किया जाता है.

कहते है जिला कृषि पदाधिकारी

जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि अभी तक 12 सौ हेक्टेयर में धान की रोपनी किया जा चुका है. कुल 42 सौ हेक्टेयर में धान की रोपनी करने का लक्ष्य है. किसानों द्वारा धान की रोपनी अगस्त माह तक किया जाता है. तब तक लक्ष्य को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है.

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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