Shravani Mela 2026 : लखीसराय जिले में श्रावणी मेले का असर अब साफ दिखाई देने लगा है. गुरुवार से शुरू हुए श्रावणी मेले को लेकर बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर देवघर जाने वाले कांवरियों के लिए किऊल और लखीसराय स्टेशन प्रमुख पड़ाव बन गए हैं. पड़ोसी जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर ट्रेन पकड़ रहे हैं.
किऊल और लखीसराय स्टेशन पर बढ़ी कांवरियों की भीड़
श्रावणी मेले की शुरुआत के साथ ही किऊल और लखीसराय रेलवे स्टेशन पर शिवभक्तों की भीड़ उमड़ने लगी है. शेखपुरा, जमुई, नवादा समेत आसपास के जिलों से श्रद्धालु ट्रेन पकड़ने के लिए इन स्टेशनों पर पहुंच रहे हैं.
स्टेशन परिसर में भगवा वस्त्र पहने कांवरियों की चहल-पहल बढ़ गई है. श्रद्धालु बोल बम के जयकारों के साथ सुल्तानगंज के लिए रवाना हो रहे हैं. रेलवे प्रशासन भी बढ़ती भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए है.
आरपीएफ-जीआरपी ने बढ़ाई चौकसी
श्रावणी मेले के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को लेकर किऊल आरपीएफ और जीआरपी पूरी तरह सतर्क हो गई है. प्लेटफॉर्म और स्टेशन परिसर में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है.
किऊल जीआरपी और आरपीएफ की ओर से रात्रि गश्ती बढ़ा दी गई है. वहीं किऊल और लखीसराय के बीच भी रात में विशेष पेट्रोलिंग की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो.
30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगा मेला
श्रावणी मेला 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा. इस दौरान सुल्तानगंज और देवघर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि होने की संभावना है.
रेलवे प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर विशेष तैयारी की गई है. स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण और यात्रियों की सहायता के लिए जवानों की तैनाती की गई है.
सड़क मार्ग से भी बढ़ी कांवरियों की आवाजाही
रेल मार्ग के अलावा सड़क मार्ग से भी सुल्तानगंज जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई है. बाइक और चार पहिया वाहनों से बड़ी संख्या में कांवरिये एनएच-80 के रास्ते आगे बढ़ रहे हैं.
शाम ढलते ही लखीसराय के विद्यापीठ चौक पर वाहनों की लंबी कतार देखने को मिल रही है. यहां रुककर श्रद्धालु चाय-नाश्ता करते हैं और फिर सुल्तानगंज की ओर रवाना होते हैं.
भगवा रंग में रंगा विद्यापीठ चौक
श्रावणी मेले को लेकर विद्यापीठ चौक को भी आकर्षक तरीके से सजाया गया है. जगह-जगह भगवा झंडे लगाए गए हैं, जिससे पूरा इलाका मेले के रंग में रंगा नजर आ रहा है.
स्थानीय दुकानदारों में भी उत्साह देखा जा रहा है. कांवरियों की बढ़ती संख्या से बाजारों में रौनक बढ़ गई है. Lakhisarai Shravani Mela 2026 के दौरान प्रशासन और रेलवे की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके.
