सूर्यगढ़ा (लखीसराय) से राजेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट:
Ramchandrapur Zero Office Day: जीरो ऑफिस डे के तहत गुरुवार को पिपरिया प्रखंड की रामचंद्रपुर पंचायत में स्वच्छता योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी गई. प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) रितुरंजन कुमार एवं प्रखंड समन्वयक ने पंचायत क्षेत्र में निर्मित स्वच्छता परिसंपत्तियों का निरीक्षण कर उनकी स्थिति, उपयोगिता और रखरखाव की समीक्षा की.
सामुदायिक स्वच्छता केंद्र और सोक पिट का किया निरीक्षण
अधिकारियों ने एलएसबीए एवं स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) के तहत निर्मित सामुदायिक स्वच्छता केंद्र (सीएससी) तथा सोक पिट परिसंपत्तियों का स्थलीय निरीक्षण किया. इस दौरान योजनाओं के संचालन, रखरखाव और आम लोगों को मिल रहे लाभ की जानकारी ली गई.
प्रभावी संचालन के लिए दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान बीडीओ ने संबंधित कर्मियों को स्वच्छता केंद्रों के नियमित संचालन और रखरखाव को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य तभी सफल होगा जब ग्रामीणों को उनका वास्तविक लाभ मिले और परिसंपत्तियों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए.
जीविका दीदियों के साथ हुई समीक्षा बैठक
निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने जीविका दीदियों के साथ बैठक कर यूजर चार्ज संग्रहण की प्रगति की समीक्षा की. बैठक में पंचायत क्षेत्र में स्वच्छता को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने और लोगों की सहभागिता बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई.
सामुदायिक भागीदारी से बनेगी मॉडल पंचायत
बीडीओ रितुरंजन कुमार ने कहा कि स्वच्छता कार्यक्रमों की सफलता में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है. उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों, जीविका समूहों और ग्रामीणों से मिलकर स्वच्छता अभियान को मजबूत बनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि नियमित संचालन, निगरानी और जनसहभागिता से रामचंद्रपुर पंचायत को स्वच्छता के क्षेत्र में मॉडल पंचायत बनाया जा सकता है.
