हाल मध्य विद्यालय बहरावां का, पानी के लिए बच्चों को जाना पड़ता है विद्यालय से बाहर कई बार गुहार लगाने के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई हलसी. प्रखंड मुख्यालय अंतर्गत मध्य विद्यालय बहरावां के छात्र-छात्राओं को पेयजल एवं चारदिवारी की व्यवस्था नहीं रहने से घोर परेशानी उठानी पड़ रही है. बदलते परिवेश में मध्य विद्यालय वहरावां को प्लस टू उच्च विद्यालय कर दिया गया है. फिलहाल इस वक्त इस विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक के लिए बच्चे पढ़ने आते हैं. जिसमें कुल बच्चों की संख्या करीब 209 बतायी जाती है. इनको पढ़ाने के लिए कुल सात शिक्षक एवं मध्याह्न भोजन बनाने को लेकर चार रसोईया प्रतिनियुक्त हैं. उक्त विद्यालय में विभाग द्वारा एक चापाकल लगाये गये थे, लेकिन अभी चापाकल करीब कई माह से खराब पड़े हुआ है. जिससे बच्चों को पानी पीने के लिए बाहर जाना पड़ता है. ऐसी स्थिति से जहां पठन-पाठन प्रभावित होता है. वहीं दूसरी ओर बच्चों को विद्यालय से बाहर जाने का बहना मिल जा रहा है. इस संबंध में विद्यालय प्रभारी लालमणी ने बताया कि पेयजल एवं चारदीवारी को लेकर वरीय पदाधिकारी को सूचना पत्राचार के माध्यम से कई बार दिया गया, लेकिन पेयजल की व्यवस्था नहीं किया गया है. विद्यालय में चारदीवारी नहीं रहने को लेकर रात में विद्यालय परिसर में आवारा पशुओं का बसेरा बना रहता है. वहीं अगर चारदीवारी होती तो इन सब समस्याओं से विद्यालय सुरक्षित रहता. सुबह में जब विद्यालय खुलता है तो आये दिन साफ-सफाई की जाती है, चहारदीवारी व उक्त समस्या को लेकर अवगत कराया गया है, लेकिन आज तक इस समस्या का समाधान नहीं किया गया. चहारदीवारी नहीं होने से परेशानी के साथ साथ छात्रों के प्रति हमलोग को भी काफी सजग रहना पड़ता है. स्कूल में चहारदीवारी हो जाने से बच्चे सुरक्षित रहेंगे और पठन पाठन व्यवस्था में व्यवधान भी नहीं होगा. उन्होंने बताया कि पंचायत प्रतिनिधियों से भी चहारदीवारी निर्माण के लिए पहल करने की गुहार लगायी गयी है. परंतु स्कूल में चहारदीवारी निर्माण करवाने के नाम पर केवल आश्वासन ही मिल रहा है.
विद्यालय में पेयजल चारदीवारी की व्यवस्था नहीं होने से हो रही परेशानी
पढ़ाने के लिए कुल सात शिक्षक एवं मध्याह्न भोजन बनाने को लेकर चार रसोईया प्रतिनियुक्त हैं. उक्त विद्यालय में विभाग द्वारा एक चापाकल लगाये गये थे,
