लखीसराय से अजीत कुमार की रिपोर्ट : लखीसराय जिले में खरीफ फसल 2025-26 को लेकर कृषि विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं. इस वर्ष जिले में 42,216 हेक्टेयर क्षेत्र में धान रोपनी और 5,200 हेक्टेयर में धान का बिचड़ा गिराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. कृषि विभाग को उम्मीद है कि मौसम अनुकूल रहने पर इस बार धान उत्पादन में बढ़ोतरी होगी.
पांच प्रखंडों में होगी सबसे अधिक खेती
जिले के हलसी, रामगढ़ चौक, चानन, सूर्यगढ़ा और लखीसराय प्रखंड में बड़े पैमाने पर धान की खेती की जाएगी. इनमें सबसे अधिक 11,370 हेक्टेयर का लक्ष्य सूर्यगढ़ा प्रखंड को दिया गया है.
रामगढ़ चौक में 8,671 हेक्टेयर, हलसी में 8,735 हेक्टेयर, लखीसराय में 6,647 हेक्टेयर और चानन में 5,625 हेक्टेयर क्षेत्र में धान रोपनी का लक्ष्य तय किया गया है.रोहिणी नक्षत्र से शुरू हुआ बिचड़ा गिराने का काम
बोरिंग सुविधा वाले इलाकों में किसानों ने रोहिणी नक्षत्र से ही धान का बिचड़ा गिराना शुरू कर दिया है. सूर्यगढ़ा के रामपुर, मानो, चंदनपुरा और अलीनगर के साथ लखीसराय के गढ़ी बिशनपुर, खगौर, बालगुदर एवं रेहुआ गांवों में खेतों की तैयारी और बिचड़ा गिराने का कार्य शुरू हो चुका है. विभाग के अनुसार जुलाई महीने से धान रोपनी का कार्य गति पकड़ेगा.
पिछले साल से बढ़ाया गया लक्ष्य
इस बार कृषि विभाग ने पिछले वर्ष की तुलना में धान रोपनी का लक्ष्य करीब 1,500 हेक्टेयर बढ़ाया है. पिछले साल 41,109 हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध लगभग 36 हजार हेक्टेयर में ही धान रोपनी हो सकी थी. विभाग को उम्मीद है कि इस बार बेहतर बारिश होने पर लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा.किसानों को मिलेगा अनुदान पर बीज
जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि पिपरिया और बड़हिया प्रखंड में मैदानी खेती नहीं होने के कारण वहां लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि खरीफ बीज आवंटन के लिए विभाग को पत्र भेजा जा चुका है और बीज उपलब्ध होते ही किसानों को अनुदान पर वितरित किया जाएगा.
