गर्भवती का प्रसव से पूर्व देखभाल व टीकाकरण आवश्यक
जब भी कोई महिला गर्भ धारण करती है तो उसका सपना होता है की वो एवं उसका होने वाला बच्चा पूरी तरह सुरक्षित रहे
जिले में वर्ष 2025-26 में कुल 86 प्रतिशत से अधीक महिलाओं ने कराया प्रसव
पूर्व जांच प्रसव से पहले चार जांच है जरुरी हर जच्चे एवं बच्चे के लिए : डॉ अमित कुमार
लखीसराय. जब भी कोई महिला गर्भ धारण करती है तो उसका सपना होता है की वो एवं उसका होने वाला बच्चा पूरी तरह सुरक्षित रहे. इसके लिए जरूरी है वो सभी चिकत्सीय परामर्श का पूरी तरह तय समय पर पालन करें. ये कहते हैं सदर अस्पताल के उपाधीक्षक सह स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ अमित कुमार. उन्होंने बताया की कुल प्रसव पूर्व जांच का मतलब है की एक निश्चित समय में कुल कितनी गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य केंद्र में जांच के लिए पंजीकरण किया गया है. जिसका मतलब होता है गर्भावस्था के दौरान मां और बच्चे के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य प्रणाली में पंजीकरण करना. जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुधांशु नारायण लाल ने बताया की जिले में वर्ष 2025-26 में कुल 86.69 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं ने चार बार प्रसव पूर्व जांच कराया है. जो इस बात को दर्शाता है की समुदाय के बीच आशा के द्वारा किये गये जारुकता अभियान का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है. उन्होंने बताया की प्रसव पूर्व देखभाल के मुख्य लाभ नियमित जांच, टीकाकरण एवं पोषण, प्रसव पूर्व एवं बाद में आने वाली जटिलता को रोकना, गर्भवती महिलाओं को मानसिक एवं शारीरिक रूप से तैयार करने के लिए उचित स्वास्थ्य प्रबंधन होता है. प्राथमिक स्वास्थ्य लखीसराय केंद्र अंजू कुमारी बताती हैं गृह भ्रमण के दौरान गर्भवती महिलाओं को उनके खान-पान के साथ समय पर प्रसव पूर्व जांच के लिए प्रेरित करती हूं, ताकि उन्हें किसी भी जटिल समस्या का सामना प्रसव के समय नहीं करना पड़े.