झमाझम बारिश के बीच किसानों ने शुरू की धान के बिचड़ा गिराने की तैयारी, महंगे बीज ने बढ़ाई चिंता

Paddy Farming: बारिश से खेतों में लौटी नमी के बाद टाल क्षेत्र में धान की खेती ने पकड़ी रफ्तार. किसान बिचड़ा गिराने में जुटे, लेकिन बीज की बढ़ी कीमतों ने बढ़ाई चिंता.

मेदनीचौकी (लखीसराय) से रंजीत कुमार शर्मा की रिपोर्ट

Paddy Farming: लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा प्रखंड अंतर्गत टाल क्षेत्र में मानसून की सक्रियता के साथ धान की खेती की तैयारियां तेज हो गई हैं. मंगलवार से हो रही झमाझम बारिश के बाद गोपालपुर, पूर्वी सलेमपुर, पश्चिमी सलेमपुर, कवादपुर समेत कई मौजों के सैकड़ों एकड़ खेतों में किसानों ने धान का बिचड़ा गिराने का काम शुरू कर दिया है. बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी आने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, हालांकि बीजों की बढ़ी कीमतें अब भी उनकी चिंता का कारण बनी हुई हैं.

बारिश से खेतों में लौटी नमी, किसानों को मिली राहत

पूर्वी सलेमपुर के किसान विजय यादव उर्फ विदवा ने बताया कि पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश और बादलों से ढके मौसम ने खेती के लिए अनुकूल माहौल बना दिया है. तेज बारिश नहीं होने के बावजूद हल्की और लगातार फुहारों से खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है. ऐसे में किसान बोरिंग और वर्षा जल की मदद से धान का बिचड़ा गिराने का कार्य शुरू कर चुके हैं.

महंगे बीज ने बढ़ाई किसानों की परेशानी

किसानों का कहना है कि मौसम ने साथ तो दिया है, लेकिन इस बार धान के बीजों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी ने खेती की लागत बढ़ा दी है. किसान अजय शर्मा, बिंदेश्वरी पासवान, सुरेन महतो और सिकंदर यादव ने बताया कि पिछले वर्ष जो धान का बीज 325 रुपये प्रति किलोग्राम मिल रहा था, उसकी कीमत इस वर्ष बढ़कर करीब 400 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है. विभिन्न किस्मों के बीजों में 100 रुपये प्रति किलो तक की वृद्धि दर्ज की गई है.

उचित कीमत की तलाश में भटक रहे किसान

बीज विक्रेताओं का कहना है कि थोक बाजार से ही बीज महंगे दाम पर मिल रहे हैं, जिसके कारण खुदरा कीमत बढ़ानी पड़ी है. वहीं किसानों को आशंका है कि कहीं उन्हें कालाबाजारी का सामना तो नहीं करना पड़ रहा. उचित कीमत पर बीज खरीदने के लिए किसान एक दुकान से दूसरी दुकान का चक्कर लगा रहे हैं.

टाल क्षेत्र में खेती ने पकड़ी रफ्तार

Paddy Farming: मंगलवार सुबह से जारी बारिश के बीच कई किसान खेत तैयार कर बोरिंग और वर्षा के पानी की सहायता से बिचड़ा गिराने में जुटे दिखाई दिए. गोपालपुर, पूर्वी सलेमपुर, पश्चिमी सलेमपुर और कवादपुर सहित पूरे टाल क्षेत्र में अब धान की खेती की गतिविधियां तेज हो गई हैं. किसानों को उम्मीद है कि यदि मौसम इसी तरह अनुकूल बना रहा तो इस वर्ष धान की अच्छी पैदावार होगी.

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Author: Pintu Pranav

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