बख्तियारपुर रेल हादसे से भी सबक नहीं, बड़हिया स्टेशन पर जान जोखिम में डाल पटरी पार कर रहे यात्री

Lakhisari News : बख्तियारपुर रेल हादसे के बाद भी लोग सबक लेने को तैयार नहीं हैं. बड़हिया रेलवे स्टेशन पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करते नजर आ रहे हैं. फुटओवर ब्रिज होने के बावजूद जल्दबाजी और लापरवाही के कारण यात्री सीधे पटरी पार कर रहे हैं. इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. रेलवे प्रशासन की चेतावनी और लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद लोगों की यह लापरवाही चिंता का बड़ा कारण बनी हुई है.

शशिकांत मिश्रा की रिपोर्ट :

बख्तियारपुर में हुए भीषण रेल हादसे के बाद पूरे दानापुर रेल मंडल में सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया गया था. रेलवे अधिकारियों ने स्टेशनों पर निगरानी बढ़ाने, यात्रियों को जागरूक करने और ट्रैक पार करने वालों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिये थे. बावजूद इसके बड़हिया रेलवे स्टेशन के हालात जस के तस हैं. यहां रोजाना सैकड़ों यात्री जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करते नजर आ रहे हैं.

ट्रेन रुकते ही शुरू हो जाता है खतरे का खेल

स्थिति यह है कि ट्रेन के रुकते ही कई यात्री फुट ओवरब्रिज की जगह सीधे पटरी पार कर प्लेटफॉर्म से बाहर निकलने लगते हैं. प्लेटफॉर्म बदलने के लिए भी लोग खुलेआम ट्रैक का सहारा ले रहे हैं. सुबह-शाम व्यस्त समय में यह नजारा और भयावह हो जाता है. महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों तक को पटरी पार करते देखा जा सकता है.

सुरक्षा के दावे फेल, मैदान में नहीं दिख रहे कर्मी

स्थानीय लोगों का कहना है कि बख्तियारपुर की घटना के बाद उम्मीद थी कि रेलवे प्रशासन गंभीरता दिखायेगा, लेकिन बड़हिया स्टेशन पर कोई ठोस पहल नहीं दिख रही. परिसर में न तो पर्याप्त आरपीएफ/जीआरपी कर्मी तैनात हैं और न ही लगातार अनाउंसमेंट कर यात्रियों को चेताया जा रहा है. इससे यात्रियों में न डर है और न जागरूकता.

सुविधा है, पर आदत नहीं बदली

स्टेशन पर दो फुट ओवरब्रिज मौजूद हैं. फिर भी जल्दबाजी और शॉर्टकट की आदत के चलते लोग ट्रैक पार करना आसान समझते हैं. रेलवे अधिनियम के तहत पटरी पार करना दंडनीय अपराध है, लेकिन प्रभावी रोक नहीं लग पा रही.

स्थानीय लोगों की मांग

रेलवे सूत्रों के अनुसार समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाये जाते हैं, लेकिन धरातल पर असर नहीं दिख रहा. स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने मांग की है कि स्टेशन पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई जाय, लगातार माइकिंग कराई जाय और ट्रैक पार करने वालों पर जुर्माना व सख्त कार्रवाई हो. लोगों का कहना है कि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई तो बख्तियारपुर जैसी घटना की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया जा सकता.

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Author: AMIT KUMAR SINH

AMIT KUMAR SINH is a contributor at Prabhat Khabar.

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