Aaj ka Darsan: पीरीबाजार(लखीसराय) से रवि राज आनंद की रिपोर्ट. लखीसराय जिले के पीरीबाजार थाना क्षेत्र स्थित अभयपुर का मसूदन बासंती दुर्गा मंदिर आज इलाके में आस्था और भक्ति का बड़ा केंद्र बन चुका है. चैत्र नवरात्रि के दौरान यहां माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. नौ दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में पूरा इलाका भक्तिमय माहौल में डूब जाता है. सुबह की आरती से लेकर देर रात तक मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंजता रहता है.
स्थानीय लोगों के अनुसार इस मंदिर की पहचान सिर्फ पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गांव की एकजुटता, आस्था और सामूहिक प्रयास का प्रतीक भी बन चुका है. हर साल यहां हजारों श्रद्धालु माता का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं.
छोटे प्रयास से शुरू हुआ सफर, आज बना भव्य मंदिर
ग्रामीणों ने बताया कि साल 2008 में इस मंदिर के निर्माण का संकल्प लिया गया था. शुरुआत बेहद छोटे स्तर पर हुई थी, लेकिन गांव के लोगों और श्रद्धालुओं के सहयोग से धीरे-धीरे मंदिर का स्वरूप बदलता गया. आर्थिक सहयोग, श्रमदान और सामूहिक प्रयास के बल पर आज यह मंदिर बेहद आकर्षक और भव्य रूप में खड़ा है.
मंदिर की वास्तुकला और सजावट श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है. खासकर नवरात्रि के समय मंदिर परिसर की रौनक देखने लायक होती है. दूर-दूर से लोग यहां पूजा और दर्शन के लिए पहुंचते हैं.
अब मंदिर के शिखर पर लगेगा चांदी का कलश
मंदिर समिति के सक्रिय सदस्य रोहित कश्यप ने बताया कि मंदिर को और अधिक भव्य और अलौकिक स्वरूप देने की योजना पर काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि गांव के लोगों के सहयोग से जल्द ही मंदिर के मुख्य शिखर पर चांदी का कलश स्थापित किया जाएगा. यह कलश आने वाले समय में श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा.
उन्होंने बताया कि हर वर्ष पूजा आयोजन को बेहतर बनाने के लिए गांव के युवा और ग्रामीण मिलकर काम करते हैं. नौ दिनों तक मंदिर परिसर की व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का जिम्मा स्थानीय लोग संभालते हैं.
श्रद्धा, समर्पण और एकजुटता की मिसाल बना मंदिर
मसूदन बासंती दुर्गा मंदिर आज सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक विश्वास की मिसाल बन गया है. ग्रामीणों का कहना है कि इसी एकजुटता ने इस मंदिर को पूरे इलाके में खास पहचान दिलाई है.
