लखीसराय स्थानीय भाजपा विधायक सह बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा के विरूद्ध पोस्टर लगाने वाले आरोपी को बेल मिला गया. मंत्री के साथ-साथ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार व भू-माफिया होने का आरोप पोस्टर में लगाया था. अभियुक्त सरोज कुमार को बुधवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, लखीसराय के न्यायालय से जमानत प्रदान कर दी गयी. जमानत आवेदन पर सुनवाई के दौरान अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता रजनीश कुमार एवं राखी कुमारी ने प्रभावी ढंग से पक्ष प्रस्तुत किया, जबकि राज्य की ओर से जिला अभियोजन पदाधिकारी संजय कुमार द्वारा जमानत आवेदन का जोरदार विरोध किया गया. तथापि, न्यायालय ने तथ्यों एवं विधिक प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए अभियुक्त को जमानत प्रदान कर दी. इस संबंध में जानकारी देते हुए सरोज कुमार के अधिवक्ता रजनीश कुमार ने बताया कि उक्त मामले में अधिकतम सजा मात्र दो वर्ष निर्धारित होने के बावजूद लखीसराय पुलिस द्वारा अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था. जबकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार सात वर्ष तक की सजा वाले मामलों में अभियुक्त को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 35 बीएनएसएस के तहत नोटिस देकर जांच में सहयोग का अवसर देना अनिवार्य है. बावजूद इसके, स्थानीय पुलिस द्वारा उक्त प्रावधान का पालन नहीं किया गया.
मंत्री को पोस्टर पर भू-माफिया दिखाने वाले को मिली जमानत
स्थानीय भाजपा विधायक सह बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा के विरूद्ध पोस्टर लगाने वाले आरोपी को बेल मिला गया
