लखीसराय से अजीत कुमार की रिपोर्ट :
आसनसोल-सीतारामपुर स्टेशन के पास चल रहे इंटरलॉकिंग कार्य के कारण लिए गए मेगाब्लॉक का असर अब किऊल रेलवे स्टेशन पर साफ दिखाई देने लगा है. कई महत्वपूर्ण ट्रेनें घंटों की देरी से किऊल पहुंच रही हैं. जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.खासकर दूसरे स्टेशनों से किऊल पहुंचकर लंबी दूरी की ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं. सुबह और दोपहर में पहुंचने वाली कई ट्रेनें अब देर शाम तक स्टेशन पहुंच रही हैं. इससे यात्रियों की यात्रा योजना पूरी तरह प्रभावित हो रही है.अकालतख्त और दिल्ली स्पेशल कई घंटे देरी से पहुंच रही
रेलवे सूत्रों के अनुसार, अकालतख्त एक्सप्रेस और झांसी-हावड़ा दिल्ली स्पेशल ट्रेन तीन से चार घंटे की देरी से किऊल स्टेशन पहुंच रही हैं. वहीं धनबाद-पटना एक्सप्रेस भी अपने निर्धारित समय से काफी विलंब से चल रही है.जानकारी के मुताबिक धनबाद-पटना एक्सप्रेस सुबह 8:05 बजे के बजाय दोपहर 12:35 बजे धनबाद से रवाना होगी. ट्रेनों की इस देरी के कारण यात्रियों को स्टेशन पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है.
गया और जमालपुर रूट के यात्रियों की बढ़ी मुश्किल
गया और जमालपुर रूट से आने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है. किऊल पहुंचकर दूसरी महत्वपूर्ण ट्रेनें पकड़ने वाले यात्रियों को घंटों स्टेशन पर रुकना पड़ रहा है.यात्रियों का कहना है कि अचानक बढ़ी देरी के कारण उनकी पूरी यात्रा व्यवस्था प्रभावित हो गई है. कई लोगों की आगे की ट्रेनें छूटने का भी खतरा बना हुआ है. गर्मी और भीड़ के बीच स्टेशन पर इंतजार करना यात्रियों के लिए और मुश्किल साबित हो रहा है.10 मई को भी लिया गया था मेगाब्लॉक
गौरतलब है कि इससे पहले 10 मई को भी इंटरलॉकिंग कार्य के लिए मेगाब्लॉक लिया गया था. उस दौरान भी यात्रियों को इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा था.रेलवे अधिकारियों का कहना है that इंटरलॉकिंग कार्य रेलवे सुरक्षा और बेहतर परिचालन के लिए जरूरी है. हालांकि यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है.
