केवीके हलसी के बीज से लहलहा रही मसूर की खेती

केवीके हलसी के द्वारा इस बार भी किसानों को निशुल्क व अनुदान राशि पर बीज उपलब्ध कराया गया है

-तिलहन एवं दलहन की अच्छी खेती में केवीके निभाते है अहम भूमिका -प्रत्येक साल केवीके हलसी किसानों को देते है निशुल्क एवं अनुदान की राशि पर भारी मात्रा में बीज लखीसराय केवीके हलसी के द्वारा इस बार भी किसानों को निशुल्क व अनुदान राशि पर बीज उपलब्ध कराया गया है. भारत सरकार के योजना के तहत इस बार भी बड़हिया के किसानों को साढ़े सात सौ एकड़ में फसल लगाने के लिए साढ़े सात सौ क्विंटल उपचारित मसूर का बीज उपलब्ध कराया गया. केवीके हलसी के द्वारा उपलब्ध बीज से अभी बड़हिया टाल मसूर के फसल से लहलहा रही है. किसानों को टाल क्षेत्र में मसूर खेती कम लागत में अच्छी फसल प्राप्त होती है. बीज उपज के लिए केवीके हलसी को ख्याति प्राप्त है. यहां से बिहार बीज निगम को भी बीज उपलब्ध कराया जाता है. इस बार केवीके हलसी के द्वारा 295 क्विंटल चना का बीज अनुदानित दर पर उपलब्ध कराया गया है. वहीं 40 क्विंटल चना का बीज अनुदानित दर पर स्थानीय किसानों को बीज उपलब्ध कराया गया है. किसानों को प्रत्येक साल रबी फसल के दलहन एवं तिलहन का उपचारित बीज उपलब्ध कराया गया है. इस बार भी किसानों को सरसों का एक हजार क्विंटल बीज उपलब्ध कराया गया है. केवीके द्वारा किसानों को वैज्ञानिक उपचारित बीज मुहैया करा गया है. जिससे कि किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफा हो सके. बोले प्रधान वैज्ञानिक प्रभारी प्रधान वैज्ञानिक सुधीरचंद्र चौधरी ने बताया कि केवीके वैज्ञानिक द्वारा उपचारित बीज किसानों को उपलब्ध कराया जाता है. इस बार भी भारत सरकार की योजना से बड़हिया के साढ़े सात सौ किसानों को साढ़े सात सौ क्विंटल उपचारित मसूर का बीज निशुल्क में उपलब्ध कराया गया है. इसके अलावा चना एवं सरसों का बीज भी उपलब्ध कराया जाता हैं. इस बार भी बीज किसानों को मुफ्त एवं अनुदानित दर पर बीज उपलब्ध कराया गया है.

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Author: GUNJAN THAKUR

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