मौसम विभाग के अनुसार, दिन के साथ-साथ रात के समय भी रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है. बारिश के साथ ही आकाशीय बिजली (ठनका) गिरने की भी आशंका जताई गई है. इसे देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों और जिला प्रशासन ने आम नागरिकों सहित किसानों के लिए सुरक्षा एवं कृषि संबंधी विशेष गाइडलाइन जारी की है.
वज्रपात की आशंका: खेत का काम जल्द निपटाने की सलाह
मौसम विभाग ने वज्रपात (ठनका) के खतरे को देखते हुए विशेष रूप से किसानों और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सतर्क किया है:
- सुरक्षित स्थानों पर रहें: किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में काम करते समय मौसम का ध्यान रखें और गड़गड़ाहट शुरू होने पर जल्द से जल्द काम निपटाकर किसी पक्के मकान या सुरक्षित स्थान पर शरण ले लें.
- सुरक्षा उपाय: आम लोगों से अपील की गई है कि वे आवश्यक कार्य से बाहर निकलते समय अपने साथ छाता या रेनकोट जरूर रखें.
कृषि वैज्ञानिक की राय: धान की रोपनी के लिए खेतों की जुताई का सही समय
लगातार हो रही रुक-रुक कर बारिश की वजह से जिले के खेतों में पर्याप्त नमी बनी हुई है. इस अनुकूल स्थिति को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:
- खरपतवार होंगे नष्ट: जिन किसानों को अपने खेतों में धान की रोपनी करनी है, वे फिलहाल खेतों की अच्छी तरह जुताई करके उसे ऐसे ही छोड़ दें.
- प्राकृतिक खाद का निर्माण: जुताई के बाद खेतों को छोड़ने से उसमें मौजूद अनचाही घास और खरपतवार पूरी तरह नष्ट हो जाएंगे. बाद में यही सड़े हुए खरपतवार सड़कर मिट्टी के लिए बेहतरीन जैविक खाद का रूप ले लेंगे, जिससे फसल की पैदावार अच्छी होगी.
- सब्जी उत्पादकों के लिए निर्देश: सब्जी की खेती करने वाले किसानों को हिदायत दी गई है कि यदि खेतों में बारिश का अतिरिक्त पानी जमा होता है, तो उसे तुरंत बाहर निकाल दें, अन्यथा जलजमाव से फसल गल सकती है.
13 जुलाई को भी बरसेंगे बदरा, जानें तापमान की स्थिति
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, बारिश का यह सिलसिला रविवार तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगामी 13 जुलाई को भी जिले में बारिश की पूरी संभावना बनी हुई है.
रविवार के तापमान की बात करें तो बादलों की आवाजाही और उमस के बीच जिले का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. शहरी क्षेत्रों में जलजमाव और गंदगी से बचने के लिए लोगों से अपने आस-पास के नालों की साफ-सफाई दुरुस्त रखने को कहा गया है ताकि बारिश का गंदा पानी रास्तों पर न फैले.
