लखीसराय में चापाकल लगवाने के दौरान बवाल, पूर्व मुखिया पति पर रंगदारी और मारपीट का आरोप

Lakhisarai Viral Video: लखीसराय में “25 हजार दो तभी लगेगा चापाकल” — लखीसराय में पूर्व मुखिया पति पर रंगदारी और मारपीट का आरोप, वायरल वीडियो से मचा बवाल

Lakhisarai Viral Video: बड़हिया (लखीसराय) से शशिकांत मिश्रा की रिपोर्ट.लखीसराय जिले के बड़हिया प्रखंड अंतर्गत वीरुपुर थाना क्षेत्र के जखौरा गांव में सरकारी योजना के तहत चल रहे चापाकल निर्माण कार्य के दौरान दबंगई और रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है. पूर्व मुखिया पति संजय कुमार उर्फ चमरू मुखिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह संवेदक के साथ गाली-गलौज और मारपीट करते नजर आ रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है.

चापाकल निर्माण कार्य रुकवाने का आरोप

जानकारी के अनुसार पीएचईडी विभाग की ओर से गांव में चापाकल लगाने का कार्य कराया जा रहा था. इस काम की जिम्मेदारी पिपरिया निवासी संवेदक पप्पू सिंह को दी गई थी.

संवेदक का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान संजय कुमार उर्फ चमरू मुखिया मौके पर पहुंचे और काम रुकवा दिया. आरोप है कि उन्होंने 25 हजार रुपये रंगदारी की मांग करते हुए कहा कि “पैसा दोगे तभी गांव में चापाकल लगाने देंगे.”

इनकार करने पर मारपीट का आरोप

संवेदक पप्पू सिंह ने बताया कि जब उन्होंने रुपये देने से इनकार किया तो उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भी आरोपी का आक्रामक व्यवहार साफ दिखाई दे रहा है.

वीडियो वायरल होने के बाद गांव में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में इस तरह की दबंगई विकास कार्यों पर असर डाल रही है.

पुलिस में दर्ज कराई शिकायत

घटना के बाद संवेदक ने वीरुपुर थाने में लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई है. आवेदन में सरकारी कार्य में बाधा डालने, रंगदारी मांगने और मारपीट करने का आरोप लगाया गया है.

संवेदक ने पुलिस से सुरक्षा की मांग करते हुए आरोपी पर सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है.

ग्रामीणों में नाराजगी

स्थानीय लोगों के अनुसार चमरू मुखिया की इलाके में दबंग छवि रही है. ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी उन पर धमकी और विवाद के आरोप लगते रहे हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई है. ग्रामीणों का सवाल है कि यदि सरकारी योजनाओं पर काम करने वाले संवेदक ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो विकास कार्य कैसे पूरे होंगे.

जांच में जुटी पुलिस

वीरुपुर थानाध्यक्ष जीतेंद्र देव दीपक ने बताया कि आवेदन प्राप्त हो गया है और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है.

उन्होंने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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