Lakhisarai Valley of Flowers: लखीसराय जिले के चानन प्रखंड के सुदूर जनजातीय इलाकों की तस्वीर अब पूरी तरह बदलने वाली है. संग्रामपुर पंचायत स्थित जनजातीय बहुल गांव महजनमा और सतघरवा को जिला प्रशासन ने 'वैली ऑफ फ्लावर्स' (Valley of Flowers) के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है. इस पहल से न केवल प्राकृतिक सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय किसानों और युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे.
जिलाधिकारी ने पटना भेजा प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति का प्रस्ताव
जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से पहल शुरू कर दी है:
- निदेशक उद्यान को पत्र: डीएम ने पत्रांक- 455/उद्यान के माध्यम से निदेशक उद्यान, बिहार (पटना) को योजना की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति का प्रस्ताव भेजा है.
- तकनीकी सर्वेक्षण की मांग: प्रस्ताव में दोनों गांवों की जमीन और जलवायु का तकनीकी सर्वेक्षण (Technical Survey) कराकर एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का अनुरोध किया गया है.
योजना के धरातल पर उतरने से होंगे 3 बड़े फायदे
चानन का यह इलाका पहाड़ियों से घिरा और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है, जो पुष्प उत्पादन के लिए बेहद अनुकूल है. इस योजना से:
- किसानों की आय में वृद्धि: व्यावसायिक (Commercial) फूलों की खेती से स्थानीय किसानों की कमाई में कई गुना इजाफा होगा.
- रोजगार और स्वरोजगार: स्थानीय जनजातीय युवाओं को गांव में ही रोजगार और बिजनेस के नए अवसर मिलेंगे.
- हॉर्टीकल्चर टूरिज्म: जिले में बागवानी पर्यटन (Horticulture Tourism) को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लखीसराय को पूरे बिहार में एक नई पहचान मिलेगी.
प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों से जुड़ेगा फूलों का बाजार
इस परियोजना को जिले के प्रमुख धार्मिक पर्यटन से सीधे जोड़ने की रणनीति बनाई गई है:
- मंदिरों में सीधी बिक्री: लखीसराय के प्रसिद्ध बाबा अशोक धाम, श्रृंगी ऋषि धाम, मां बाला त्रिपुर सुंदरी और मां जलप्पा स्थान में साल भर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है.
- बाजार की नहीं होगी कमी: वैली ऑफ फ्लावर्स में उगने वाले ताजे फूल, मालाओं और गुलदस्तों की सीधी आपूर्ति इन मंदिरों में की जाएगी, जिससे किसानों को बिक्री के लिए बाहर नहीं भटकना पड़ेगा.
Lakhisarai Valley of Flowers: योजना के तहत विकसित होंगी ये आधुनिक सुविधाएं
प्रस्तावित योजना के तहत गांवों में आधुनिक कृषि और पर्यटन अवसंरचना का निर्माण किया जाएगा:
- पुष्प खेती का क्लस्टर (Cluster Development) तैयार करना.
- आधुनिक सिंचाई प्रणाली (Micro-Irrigation) और हाइटेक नर्सरी का निर्माण.
- किसानों को पुष्प उत्पादन, पैकेजिंग और मार्केटिंग का विशेष प्रशिक्षण.
- पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए टूरिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास.
