आज का दर्शन: सूर्यगढ़ा में आस्था का केंद्र बना शिव-दुर्गा-महावीर मंदिर

Lakhisarai Temple Darshan: यह मंदिर केवल नवरात्र तक सीमित नहीं है. पूरे वर्ष यहां मां जगदंबा की नियमित पूजा होती रहती है और श्रद्धालुओं की निरंतर भीड़ बनी रहती है. मंदिर कमेटी के सचिव मृत्युंजय कुमार उर्फ सोनू सिंह ने बताया कि वर्ष 2011 में मंदिर निर्माण की नींव रखी गई थी. 11 जुलाई 2016 को विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यहां नियमित पूजा-अर्चना शुरू हुई. तभी से यह क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है.

सूर्यगढ़ा (लखीसराय) से राजेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट:

Lakhisarai Temple Darshan: नगर परिषद क्षेत्र स्थित शिव-दुर्गा-महावीर मंदिर स्थानीय लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है. वर्ष 2007 से यहां शारदीय नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर परंपरागत विधि से पूजा-अर्चना की जाती है. कलश स्थापना के साथ ही मंदिर परिसर में बजरंगी पताका युक्त ध्वजा भी स्थापित की जाती है.

सालभर होती है मां जगदंबा की पूजा

यह मंदिर केवल नवरात्र तक सीमित नहीं है. पूरे वर्ष यहां मां जगदंबा की नियमित पूजा होती रहती है और श्रद्धालुओं की निरंतर भीड़ बनी रहती है. मंदिर कमेटी के सचिव मृत्युंजय कुमार उर्फ सोनू सिंह ने बताया कि वर्ष 2011 में मंदिर निर्माण की नींव रखी गई थी. 11 जुलाई 2016 को विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यहां नियमित पूजा-अर्चना शुरू हुई. तभी से यह क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है.

मंदिर की विशेष संरचना और आस्था

मंदिर परिसर के उत्तर दिशा में शिवलिंग स्थापित है. जबकि दक्षिण दिशा में बजरंगबली का भव्य मंदिर स्थित है. दोनों मंदिरों की प्राण-प्रतिष्ठा एक साथ 11 जुलाई 2016 को हुई थी. श्रद्धालु यहां भगवान शिव, मां दुर्गा और हनुमान जी के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं.

सुबह 4:30 बजे से शुरू होती है दिनचर्या

मंदिर में प्रतिदिन सुबह 4:30 बजे से ही गतिविधियां शुरू हो जाती हैं. साफ-सफाई और पूजा की तैयारियों के बाद सुबह 8 बजे नियमित पूजा-अर्चना की जाती है. संध्या आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं. पूरा वातावरण भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है.

पूर्णिमा और विशेष अवसरों पर उमड़ती है भीड़

हर पूर्णिमा के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है. इस दौरान सूर्यगढ़ा ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों और कस्बों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं.

स्थापना दिवस पर 24 घंटे अखंड रामधुनी

हर वर्ष 11 जुलाई को मंदिर के स्थापना दिवस पर 24 घंटे का अखंड रामधुनी कार्यक्रम आयोजित किया जाता है. इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्रभर के श्रद्धालु उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं.

सावन-भादो में कांवरिया सेवा शिविर

सावन और भादो माह में मंदिर कमेटी द्वारा कांवरिया सेवा शिविर लगाया जाता है. इसमें कांवरियों के लिए ठहरने, स्नान, शौचालय, निशुल्क चिकित्सा सेवा और चाय-नाश्ते की व्यवस्था की जाती है.

मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सह सूर्यगढ़ा नगर परिषद के उपसभापति बालेश्वर सिंह ने बताया कि यह मंदिर क्षेत्र की आस्था और परंपरा से गहराई से जुड़ा है. वर्तमान में चंदन पांडेय नियमित पूजन कार्य का दायित्व निभा रहे हैं. जबकि कमेटी सदस्य संजीत कुमार व्यवस्थाओं की देखरेख कर रहे हैं. यह मंदिर श्रद्धा, सेवा और धार्मिक परंपराओं का जीवंत संगम बनकर क्षेत्रवासियों को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान कर रहा है.

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Published by: Shruti Kumari

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