Lakhisarai News: पीरी बाजार (लखीसराय) से रविराज आनंद की रिपोर्ट: लखीसराय जिले के पीरी बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत अभयपुर की कसबा पंचायत में पंचायत सरकार भवन का निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है. सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत गांवों को प्रशासनिक और डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने का दावा किया गया था, लेकिन कसबा पंचायत में यह योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में नजर आ रही है. ग्रामीणों का आरोप है कि भवन निर्माण में हो रही देरी के कारण उन्हें आज भी छोटे-छोटे कार्यों के लिए प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं.
गांव में नहीं मिल रही सरकारी सुविधाएं
सरकार की योजना के अनुसार पंचायत सरकार भवन बनने के बाद ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे आरटीपीएस सेवा, जाति-आय-निवास प्रमाण पत्र, बैंकिंग सुविधा, राजस्व कार्य और पंचायत स्तरीय बैठक जैसी सुविधाएं मिलनी थीं.
लेकिन कसबा पंचायत में भवन नहीं बनने से लोगों को आज भी मीलों दूर ब्लॉक कार्यालय जाना पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कि इससे गरीब और जरूरतमंद लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है.
दो साल पहले दी गई थी जमीन
स्थानीय लोगों के अनुसार पंचायत सरकार भवन के निर्माण के लिए वर्ष 2023 में ही जमीन उपलब्ध करा दी गई थी. ग्रामीणों ने 15 दिसंबर 2023 को सूर्यगढ़ा अंचलाधिकारी को आवेदन देकर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की थी.
आवेदन में कसबा मौजा के खाता संख्या 215, खसरा 1537, रकबा 45 डिसमिल जमीन को पंचायत सरकार भवन निर्माण के लिए चिन्हित किये जाने की जानकारी दी गई थी. ग्रामीणों का दावा है कि जमीन स्वेच्छा से उपलब्ध कराई गई थी और सभी जरूरी कागजी प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी.
प्रशासनिक उदासीनता पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि जमीन उपलब्ध होने के बावजूद विभागीय पेंच और प्रशासनिक उदासीनता के कारण योजना आगे नहीं बढ़ पा रही है. लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान विकास के बड़े-बड़े वादे किये जाते हैं, लेकिन बाद में गांवों की समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है.
स्थानीय युवाओं और बुजुर्गों में इसे लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मामले में जल्द हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है.
मुखिया ने भी जताई चिंता
कसबा पंचायत के मुखिया अमित कुमार ने बताया कि वर्ष 2023 में जमीन उपलब्ध कराकर सभी कागजी प्रक्रिया पूरी की गई थी और पंचायत सरकार भवन निर्माण की मांग प्रशासन को भेजी गई थी. इसके बावजूद अब तक कोई स्पष्ट पहल नहीं हो सकी है.
ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द इस दिशा में कदम उठाएगा ताकि पंचायत स्तर पर ही लोगों को सरकारी सुविधाएं मिल सकें.
