लखीसराय से देव कुमार की रिपोर्ट:
Lakhisarai news: नगर परिषद लखीसराय के अंतर्गत दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डे-एनयूएलएम) में कार्यरत 27 सामुदायिक संसाधन कर्मियों (सीआरपी) का मानदेय जुलाई 2025 से मई 2026 तक बकाया है. मानदेय भुगतान नहीं होने से नाराज सीआरपी ने बुधवार को जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सेवा समायोजन एवं बकाया मानदेय भुगतान की मांग की.
बिना सूचना बंद कर दिया गया मानदेय
जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में सीआरपी ने बताया कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन योजना के तहत वे जून 2025 तक लगातार कार्य करते रहे. इसके बावजूद जुलाई 2025 से बिना किसी पूर्व सूचना के उनका मानदेय बंद कर दिया गया. सीआरपी का आरोप है कि नगर परिषद द्वारा धीरे-धीरे उनकी सेवाएं भी समाप्त की जा रही हैं.
सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
ज्ञापन में सीआरपी ने अपने कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने नगर परिषद क्षेत्र में स्वच्छता अभियान, राशन कार्ड निर्माण, सामुदायिक ऋण समूह गठन, महिला स्वयं सहायता समूहों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने, स्वरोजगार उपलब्ध कराने, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लाभ दिलाने, शौचालय निर्माण तथा अन्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
उन्होंने कहा कि घर-घर सर्वेक्षण करने से लेकर महिलाओं को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने तक हर स्तर पर सीआरपी की सक्रिय भागीदारी रही है.
सेवा समायोजन और बकाया भुगतान की मांग
सीआरपी ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उनकी सेवाएं नगर परिषद में जारी रखी जाएं तथा उन्हें समायोजित किया जाए. साथ ही जुलाई 2025 से लंबित मानदेय का भुगतान जल्द से जल्द सुनिश्चित कराया जाए.
ज्ञापन सौंपने वालों में इंदू कुमारी, चंद्र प्रभा कुमारी, संजू कुमारी, सविता कुमारी, सोनी कुमारी, कविता कुमारी समेत अन्य सीआरपी शामिल थे.
