Lakhisarai News: बड़हिया (लखीसराय) से शशिकांत मिश्रा की रिपोर्ट: लखीसराय जिले के बड़हिया नगर स्थित श्रीधर सेवा आश्रम में शुक्रवार से नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ. आयोजन की शुरुआत भव्य कलश शोभायात्रा के साथ हुई, जिसमें 155 कुमारी कन्याओं ने सिर पर कलश धारण कर नगर भ्रमण किया. ‘जय श्रीराम’ और ‘राधे-राधे’ के जयघोष से पूरा नगर भक्तिमय माहौल में डूब गया.
सुबह बड़हिया कॉलेज गंगा घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच कलश में गंगाजल भरा गया. इसके बाद श्रद्धालुओं की विशाल शोभायात्रा निकली, जिसने नगरवासियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.
पारंपरिक वेशभूषा में आकर्षण का केंद्र बनीं कन्याएं
कलश यात्रा में शामिल 155 कन्याएं पारंपरिक परिधानों में सजी थीं और सिर पर कलश लेकर श्रद्धा भाव से चल रही थीं. ढोल-नगाड़ों, भक्ति गीतों और मंत्रोच्चार के बीच निकली यह यात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए श्रीधर सेवा आश्रम पहुंची.
आश्रम पहुंचने के बाद विधि-विधान के साथ कलश स्थापना की गयी. पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला.
जगह-जगह हुआ श्रद्धालुओं का स्वागत
नगर के विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया. कई जगहों पर जल, शरबत और प्रसाद की व्यवस्था की गयी थी. महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी ने आयोजन को और भव्य बना दिया.
आयोजन समिति के अनुसार यह नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा 22 मई से 31 मई तक चलेगी. प्रतिदिन संध्या छह बजे से वृंदावन धाम से पधारीं प्रसिद्ध कथा वाचिका वैदेही शरणजी श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराएंगी.
कथा में मिलेगा आध्यात्मिक संदेश
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, धर्म और मानव जीवन के आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा. शुक्रवार को कथा का पहला प्रसंग ‘कलश शोभायात्रा की महिमा’ रहा.
कथा वाचिका ने कहा कि भारतीय संस्कृति में कलश मंगल, समृद्धि और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है. धार्मिक आयोजनों में कलश यात्रा से सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना का संचार होता है.
श्रद्धालुओं से कथा में शामिल होने की अपील
इस आयोजन के मुख्य यजमान के रूप में दीपक कुमार सिंह व मिक्की सिन्हा, मुन्ना कुमार व गुड़िया देवी तथा अविनाश कुमार व लक्ष्मी कुमारी शामिल हैं. आयोजन के व्यवस्थापक निलेशानंद जी हैं.
आयोजन समिति ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा में शामिल होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है.
