लखीसराय से अजीत सिंह की रिपोर्ट:
Lakhisarai Land Dispute: टाउन थाना क्षेत्र के बालगुदर स्थित हरुहर नदी किनारे डिस्टल वाटर प्लांट के खंडहर के आसपास फैली 42 एकड़ जमीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. जमीन के स्वामित्व और हिस्सेदारी को लेकर चल रहे विवाद में भू-माफिया एवं कथित गैंगस्टर तत्वों के हस्तक्षेप की बात सामने आने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया है. स्थानीय स्तर पर तनाव का माहौल है और संभावित संघर्ष की आशंका जताई जा रही है.
छह हिस्सेदारों के बीच है जमीन
जानकारी के अनुसार विवादित 42 एकड़ भूमि के छह हिस्सेदार हैं. जमीन मालिक प्रिय रंजन जायसवाल एवं शशि रंजन जायसवाल ने जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है.
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि एक हिस्सेदार लक्ष्मी नारायण जायसवाल के पुत्र स्वर्गीय शिवनारायण जायसवाल के वारिसों को जानकारी मिली है कि सह-हिस्सेदार जगत नारायण जायसवाल, प्रदीप जायसवाल और प्रवीण जायसवाल बिना विधिवत बंटवारा कराए जमीन की बिक्री की तैयारी कर रहे हैं. इसके लिए कथित रूप से मिट्टी भराई और भूमि समतलीकरण का कार्य कराया जा रहा है.
अवैध कब्जे और संरचना परिवर्तन की आशंका
आवेदनकर्ताओं का आरोप है कि भूमि पर चल रही गतिविधियों से अवैध कब्जे का खतरा बढ़ गया है. साथ ही जमीन की भौगोलिक संरचना में भी बदलाव किया जा रहा है. बालगुदर और नीरपुर मौजा में दर्ज विभिन्न खसरा नंबरों में फैली इस भूमि को लेकर सभी हिस्सेदारों के बीच अधिकार और स्वामित्व का विवाद बना हुआ है.
प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
आवेदन में कहा गया है कि यदि निर्माण कार्य और अन्य गतिविधियों पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई तो अन्य वैध हिस्सेदारों के अधिकारों को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती है. शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों की मिलीभगत से भू-माफिया और असामाजिक तत्व जमीन पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे हैं.
खूनी संघर्ष की जताई आशंका
शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन को आगाह किया है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो जमीन विवाद को लेकर गंभीर टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. उन्होंने आशंका जताई है कि विभिन्न पक्षों के आमने-सामने आने पर हिंसक संघर्ष की नौबत भी आ सकती है.
डीसीएलआर ने कार्रवाई का दिया भरोसा
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए डीसीएलआर राहुल कुमार ने बताया कि जिला पदाधिकारी से आवश्यक निर्देश प्राप्त कर विवादित भूमि पर चल रहे निर्माण कार्य को रोका जाएगा. उन्होंने कहा कि इसके बाद सभी संबंधित जमीन मालिकों को नोटिस जारी कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासन की ओर से मामले पर नजर रखी जा रही है और स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की तैयारी की जा रही है.
