Lakhisarai Heatwave: लखीसराय से अजीत सिंह एवं देव कुमार की रिपोर्ट. लखीसराय में भीषण गर्मी और उमस से लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है. तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण लोग सुबह से ही जरूरी कार्य निपटाने में जुट जा रहे हैं, ताकि दोपहर की तपती गर्मी से बचा जा सके. शहर से लेकर गांव तक हर जगह लोग ठंडी जगह की तलाश में नजर आ रहे हैं. दोपहर का तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से हालात और कठिन हो गये हैं.
सुबह 11 बजे के बाद सूनी हो जा रही सड़कें
गर्मी का असर अब शहर की रफ्तार पर भी दिखने लगा है. स्कूल और कोर्ट मॉर्निंग शिफ्ट में संचालित हो रहे हैं, जिससे लोग सुबह के समय ही अपने जरूरी काम निपटा रहे हैं.
दोपहर होते-होते बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा जैसा माहौल देखने को मिल रहा है. लोग तेज धूप से बचने के लिए गमछा, टोपी और छाता का सहारा लेकर ही घर से बाहर निकल रहे हैं.
इंसानों के साथ पशु भी गर्मी से बेहाल
भीषण गर्मी का असर पशुओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है. पशुपालक अपने मवेशियों को गर्मी से बचाने के लिए शेड के ऊपर घास-फूस डाल रहे हैं और नीचे स्टैंड फैन चला रहे हैं.
ग्रामीण इलाकों में लोग ठंडक पाने के लिए पुलों के नीचे बैठते नजर आ रहे हैं. रात में भी उमस और गर्मी से राहत नहीं मिलने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गयी है.
बिजली पर बढ़ा दबाव, बार-बार ट्रिपिंग से परेशानी
लगातार एसी और पंखों के इस्तेमाल से बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है. अधिक लोड के कारण बार-बार बिजली ट्रिप कर रही है और कई जगहों पर ट्रांसफॉर्मर खराब होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं.
बिजली कटौती के कारण लोगों को गर्मी में और ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है.
ठंडे पेय पदार्थों की बढ़ी मांग
गर्मी से राहत पाने के लिए लोग तरबूज, ककड़ी, गन्ने का रस, लस्सी, छाछ, ठंडा दही और आइसक्रीम का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं. शहर के जूस और ठंडे पेय पदार्थों की दुकानों पर भीड़ बढ़ने लगी है.
कभी-कभी चलने वाली ठंडी हवा लोगों को थोड़ी राहत जरूर दे रही है, लेकिन मौसम का मिजाज अभी भी लोगों के लिए चुनौती बना हुआ है.
Also Read: ‘मार देहब गोली’…आंगनबाड़ी केंद्र बना डांस बार, बच्चों की क्लास में रातभर भोजपुरी गानों पर लगे ठुमके
